tata-steel-टाटा स्टील में कई साल बाद किसी ऑफिसर की घटना में मौत, फैक्ट्री इंस्पेक्टर जांच करने पहुंचे, हाइलेबल इंक्वायरी शुरू, पुलिस ने की जांच, एक ऑफिसर को मशीन में जाने की क्या स्थिति बनी, कैसे हुई घटना, घटना को लेकर कई बिंदूओं पर हो रही जांच, जानें, कैसे मृतक ऑफिसर को जमशेदपुर में ”काल” ने रोक रखा था, क्या है टाटा स्टील का अधिकारिक बयान, जानें पूरा मामला-tata-steel-acccident-detailed-report

राशिफल

मृतक ऑफिसर.

जमशेदपुर : टाटा स्टील में मंगलवार की सुबह कोल्ड रोलिंग मिल (सीआरएम) में कार्यरत सीनियर मैनेजर रैंक के आइएल-4 रैंक के ऑफिसर आदित्यपुर निवासी 27 वर्षीय शीराज जामा खान की सीआरएम के सीजीएल 2 के एक्जिट लूपर मशीन में फंस जाने से मौत हो गयी. उनकी मौत ने कंपनी प्रबंधन को सकते में डाल दिया है. इस मामले की हाइलेबल इंक्वायरी शुरू कर दी गयी है. मिली जानकारी के मुताबिक, आदित्यपुर के एक फ्लैट में रहने वाले 27 वर्षीय शीराज जामा खान नाईट शिफ्ट की ड्यूटी पर थे. उनको यह शिकायत मिली कि सीआरएम के सीजीएल 2 में किसी तरह प्लांट के संचालन में दिक्कत हो रही है. शिकायत के बाद श्री खान वहां की स्थिति को देखने चले गए और इसी दौरान वे एक्जिट लूपर में फंस गए जिससे वे बाहर नही निकल पाए जिससे उनकी मौत हो गई. उनका शरीर ही फंस गया था जिससे उनकी मौत हो गई.

सुबह 5 बजे तक बात, चार्ज लेने वाले का फोन जब रिसीव नहीं किया, तब तलाश में मिली मशीन में फंसी लाश
नाइट शिफ्ट में उक्त ऑफिसर शीराज जामा खान की ड्यूटी थी. वह सीनियर मैनेजर रैंक का ऑफिसर था. सुबह 5 बजे तक उसको लोगों ने देखा था, लेकिन उसके बाद वह कोई फोन रिसीव नहीं किया. सुबह 6 बजे जब ए शिफ्ट के ऑफिसर उनसे चार्ज लेने आये थे तो वे अपने स्थान पर नहीं पाये गये. फोन जब लगाया तो फोन रिंग हुआ, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ. जब लोग काम पर उक्त मशीन एक्जिट लूपर की ओर गये तो देखा कि उक्त ऑफिसर उक्त मशीन में फंसे हुए है और लहुलुहान हालत में है. उनकी मौत हो चुकी थी. शीराज जामा खान का दाया हाथ पहले उसमें फंस गया था, जो पीस गया था जबकि उसका सिर में भी फंसने के कारण गंभीर चोट लग गयी थी. वे चूंकि, वहां अकेले ही थे, इस कारण कोई उनके बारे में जानकारी नहीं ले पाया. इसके बाद उनके शव को किसी तरह निकाला जा सका और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया.

फैक्ट्री इंस्पेक्टर समेत पुलिस पदाधिकारी जांच करने पहुंचे
कोल्ड रोलिंग मिल के उक्त स्थान पर खुद फैक्ट्री इंस्पेक्टर विनीत कुमार पहुंचे. उन्होंने सारी घटना को खुद से देखा और जांच किया. जांच के दौरान उन्होंने सारी जानकारी को अपने नोट डाउन किया और अधिकारियों और साथी कर्मचारियों से भी पूछताछ की. इस दौरान उनके साथ एक्सपर्ट भी मौजूद थे. इस घटना के बाद वे अब अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे. इस मामले को लेकर फैक्ट्री इंस्पेक्टर विनीत कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है. इस घटना की सूचना पाकर सीसीआर डीएसपी अरविंद कुमार, बिष्टुपुर थाना प्रभारी समेत कई अन्य लोग पहुंचे. इन लोगों ने पुलिस के स्तर पर भी जांच पूरी की.

मौत के काल ने शायद उक्त ऑफिसर को जाने से रोक दिया था, हो गया था प्रोमोशन
मौत जिसकी जो निश्चित रहती है, वह बनी रहती है. ऐसा ही कुछ टाटा स्टील के सीनियर मैनेजर ऑफिसर शीराज जामा खान के साथ हुए हादसे को देखकर लगता है. उक्त ऑफिसर का प्रोमोशन हो गया था. लॉकडाउन के कारण वह ओड़िशा के टाटा स्टील के कलिंगानगर प्लांट नहीं जा सका. उसको 15 सितंबर को ही टाटा स्टील के कलिंगानगर प्लांट में ज्वाइन करना था, लेकिन वह ज्वाइन नहीं कर पाया क्योंकि अभी अधिकारियों का मूवमेंट नहीं हो पा रहा है. वे आइएल-5 स्तर के अधिकारी थे, जबकि उनको आइएल-4 स्तर पर उनको प्रोमोशन दिया गया था. लेकिन होनी को कुछ और मंजूर थी और वह इस हादसे का मंगलवार को शिकार हो गया.

टाटा स्टील में कई साल बाद किसी ऑफिसर की हादसे में हुई मौत, कैसे हुई मौत, हो रही जांच
टाटा स्टील में वैसे तो किसी दुर्घटना में ठेका मजदूरों और स्थायी कर्मचारियों की मौत होती रहती है, लेकिन ऑफिसर का हादसों में मौत नहीं होती है. इस कारण यह पता लगाया जा रहा है कि ऐसी क्या परिस्थिति हो गयी कि एक अधिकारी को खुद से प्लांट में जाना पड़ा और मशीन में वे फंस गये जबकि ऐसा करना नहीं होता है और ना ही एसओपी का ही पालन किया गया. उस वक्त और अधिकारी और कर्मचारी कहां थे, इसकी भी जांच की जा रही है. सूत्रों के मुताबिक, करीब 30 साल पहले एलडी वन में इस तरह का एक हादसा हुआ था, जिसमें एक ऑफिसर की मौत हुई थी. वर्ष 1990 में यह हादसा हुआ था, जिसके बाद कुछ साल बाद एक ऑफिसर की मंगलवार को मौत हो गयी. इस कारण यह चौकाने वाली बात सामने आयी है. जमशेदपुर प्लांट में किसी तरह का ऐसा हादसा इस 30 साल में नहीं हुआ है. हां टाटा स्टील के भूषण स्टील में जरूर एक हादसा हुआ था, जिसमें एक की मौत हुई थी, लेकिन वह टाटा स्टील ने बाद में अधिग्रहित किया था, वह प्लांट में हादसा हुआ था. इसके अलावा एक की मौत होने का दावा किया जा रहा है.

शादीशुदा नहीं था मृतक ऑफिसर
मृतक ऑफिसर शीराज जामा खान शादीशुदा नहीं थे. वे सिर्फ 27 साल का ही थे. वे मूलरुप से राजस्थान के कोटा शहर के रहने वाले थे और वे आदित्यपुर में अपना एक फ्लैट लेकर रहते थे. उनका परिवार राजस्थान में ही रहता है. इस घटना की जानकारी परिवार को दे दी गयी है.

टाटा स्टील का यह है अधिकारिक बयान
टाटा स्टील के चीफ, कारपोरेट कम्युनिकेशंस, इंडिया एंड साउथ इस्ट एशिया कुलविन सुरी का बयान-”अत्यंत दुख के साथ सूचित और साझा कर रहे हैं कि जमशेदपुर में 27 वर्षीय शीराज़ ज़मा खान, सीनियर मैनेजर, ऑपरेशंस, सीआरएम का दुर्भाग्यपूर्ण निधन हो गया है. 22 सितंबर की सुबह, शीराज़ सी-शिफ्ट डय़ूटी में कार्यरत थे. गलवेनाइजिंग लाइन के एग्जिट लूपर में फंस जाने के कारण उसका देहांत हो गया. प्रथम दृष्टया साक्ष्य से पता चला है कि वे लाइन में किसी खामी को दूर कर रहे थे. मामले की जांच की जा रही है और दुर्घटना के आसपास के क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गयी है. शीराज़ ज़मा खान के परिवार को इस घटना की सूचना दे दी गयी है. कंपनी दुख की घड़ी में अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करती है आरै इस मुश्किल वक्त में उनके परिवार के साथ खड़ी है. उनके परिवार को कंपनी की नीति के अनुसार सभी सहयोग दिए जाएंगे. टाटा स्टील अपने कर्मचारियों के स्वास्थ्य व सुरक्षा के लिए प्रतिबद्घ है और अपने सभी कर्मचारियों के लिए एक सुरक्षित कार्यस्थल सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर
प्रयासरत है.”

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