
जमशेदपुर : जनजातीय मामलों के केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने स्वर कोकिला “भारत रत्न” लता मंगेशकर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि पुण्यात्मा को मेरी भावपूर्ण श्रद्धांजलि. उनका जाना देश और संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति है. लता जी के निधन से भारत ने अपनी आवाज खो दी है, जिन्होंने कई दशकों तक अपनी मधुर आवाज से भारत और दुनिया भर में संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया. (नीचे भी पढ़ें)

स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता : स्वर कोकिला भारत रत्न लाता मंगेशकर हमारे बीच नहीं रहीं. 92 साल की आयु में उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली. वे लंबे समय से बीमार चल रही थी. कोरोना संक्रमित होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अंततः रविवार को लाता दीदी जिंदगी की जंग हार गई. उनके निधन से न केवल बॉलीवुड बल्कि पूरा विश्व स्तब्ध है. दुनियाभर से लाता दीदी के मौत पर संवेदनाएं आ रही हैं. इधर जमशेदपुर में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने लाता मंगेशकर के निधन पर शोक जताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने लाता दीदी की मौत को अपूरणीय क्षति बताया. इससे पूर्व मंत्री अपने समर्थकों के साथ दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने लाता दीदी की मौत को निजी क्षति बताया. (नीचे भी पढ़ें)

भाजपा नेता अभय सिंह : स्वर कोकिला लता मंगेशकर के निधन पर भाजपा नेता अभय सिंह ने शोक जताते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है. अभय सिंह ने कहा है कि कि स्वर कोकिला लता मंगेशकर की 92 वर्ष की अवस्था में निधन से पूरे भारतवंशियों को दिलों झकझोर दिया है. वे अविस्मरिय गायिका थीं, जिनको माँ सरस्वती का साक्षात वरदान था और सरस्वती पूजा के दिन ही गम्भीर रूप से बीमार होने के बाद अपने घर से निकल कर हॉस्पिटल चली गयीं. 1962 भारत-चीन के जंग के वर्ष गाया हुआ गीत ‘ऐ मेरे वतन के लोंगो जरा आंख मे भर लो पानी’ अमर हो गया. महाराष्ट्रीयन होते हुए भी हिन्दी शब्दों मे अकाट्य पकड़ थी. उनके गाए गाने विश्व के हर भारतीयों के दिलों की गहराइयों को छू लेते थे और आगे भी ऐसा होता रहेगा. वे अपने गाने के कारण पूरे संस्कृति राष्ट्रवाद को एकजुट बनाने मे सहायक थीं. वह ये साक्षात देवी थी. जब तक कला, संस्कृति, गीत-संगीत की दुनियां रहेगी लता जी हमेशा जीवित रहेंगी. (नीचे भी पढ़ें)

भाजपा के झारखंड प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी : सुर साम्राज्ञी लता जी का महाप्रयाण, देश में संगीत का एक दैदीप्यमान नक्षत्र अस्त होने के समान है। भारत रत्न और संगीत जगत की सिरमौर स्वर कोकिला लता मंगेशकर जी का निधन बहुत ही दुखद है। पुण्यात्मा को मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि। उनके देहावसान से भारतीय संगीत में जो रिक्तता आई है, भविष्य में उसकी भरपाई संभव नहीं। उनका जाना हर हिंदुस्तानी के लिए किसी अपने के चले जाने जैसा है।

भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष (पूर्वी सिंहभूम) दिनेश कुमार : सुर सम्राज्ञी लता मंगेशकर के निधन से एक युग की समाप्ति हो गई। संगीत की दुनिया को जो नुक़सान हुआ, उसकी भरपाई कभी नहीं हो पाएगी।जिस आवाज़ ने पूरे विश्व में करोड़ों लोगों का दिल जीता वो आवाज़ लता जी को हमेशा स्मृतियों में ज़िंदा रखेगी। (नीचे भी पढ़ें)

देश ने अनमोल रत्न खोया : काली शर्मा : भारतीय जनता युवा मोर्चा प्रदेश मीडिया प्रभारी कृष्णा शर्मा काली ने लता मंगेशकर के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया। कहा कि लता मंगेशकर संगीत जगत की सिरमौर थीं, जिनके निधन से एक स्वर्णिम युग का अंत हो गया है। देश ने अनमोल रत्न खो दिया है, लेकिन उनकी आवाज जन्मो जन्मों तक पुरी दुनिया याद करते रहेगी। संगीत की दुनिया को जो नुक़सान हुआ, उसकी भरपाई कभी नहीं हो पाएगी। (नीचे भी पढ़ें)

देश ने एक स्वर कोकिला खो दिया : भरत सिंह : भारत रत्न से सम्मानित गायिका लता मंगेशकर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सह सनराइज इवेंट मैनेजमेंट इंडिया के चेयरमैन भरत सिंह ने कहा कि लता मंगेशकर वह नाम है जिन्होंने अपनी गायकी के दम पर दुनिया के दिल में एक खूबसूरत छाप छोड़ी है जिसे मिटा पाना मौजूदा दौर में नामुमकिन है। लता दीदी ने एक गाना ‘ए मेरे वतन के लोगों’ गया था जो कि देश के वीर जवानों की शहादत पर था जिसे सुनने के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु जी की आंखों में आंसू आ गए थे। वहीं देश के मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण से प्रेरित होकर वर्ष 2019 में लता दीदी ने देश के वीर जवानों को समर्पित एक गाना ‘सौगंध मुझे इस मिट्टी की मैं देश नहीं मिटने दूंगा’ गाई थी जो कि उनका अंतिम गाना था। लता दीदी ने 20 भाषाओं में 30000 से भी अधिक गाने गाए हैं जिसके फलस्वरूप गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में लता दीदी का नाम सबसे अधिक गाना गाने में शामिल है। अब भले ही वह हमारे बीच नहीं रहीं, पर उनके द्वारा गाए गए सदाबहार गाने हम सभी के जेहन में सदैव ही जीवित रहेंगे। उनके जीवन के संघर्ष और गायकी की जितनी भी प्रशंसा की जाए वह कम है क्योंकि लता दीदी ने बहुत ही संघर्ष और मेहनत से संगीत के क्षेत्र में वह मुकाम हासिल करी जो हर किसी को हासिल नहीं होती। आज उनके निधन की खबर से मन बहुत ही दुखी है, ईश्वर उनकी आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान तथा उनके परिवार को इस दुख की घड़ी को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। (नीचे भी पढ़ें)

भाजयुमो जिलाध्यक्ष (पूर्वी सिंहभूम) अमित अग्रवाल : भारतीय जनता युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष अमित अग्रवाल ने कहा कि स्वर कोकिला ‘भारत रत्न लता मंगेशकर अब हमारे बीच नहीं रहीं। लता मंगेशकर दीदी का जाना अत्यंत ही दु:खद है। लता दीदी हमें छोड़कर चली गई हैं। वह हमारे देश में एक खालीपन छोड़ गई हैं, जिसे भरा नहीं जा सकता। आने वाली पीढ़ियां उन्हें भारतीय संस्कृति के एक दिग्गज के रूप में याद करेंगी, जिनकी सुरीली आवाज में लोगों को मंत्रमुग्ध करने की अद्वितीय क्षमता थी, भगवान उनकी आत्मा को शान्ति प्रदान करें।





