
बेंगलुरू : हेलिकॉप्टर दुर्घटना में घायल ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का बुधवार को निधन हो गया. इस हादसे में उनका शरीर 95 फीसदी जल चुका था. जिससे उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई थी. वहीं पूरा देश उनके लिए प्रार्थना कर रहा था. बेंगलुरू के कमांड अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था. गौरतलब है कि पिछले 8 दिसंबर को हुई इस घटना में केवल ग्रुप वरुण सिंह ही एकलौते व्यक्ति थे, जिन्का इलाज चल रहा था. उन्होंने बेंगलुरू के कमांड अस्पताल में अंतिम सांस ली. कैप्टन वरुण सिंह उत्तर प्रदेश के देवरिया जिला के रहने वाले थे. वहीं उनके माता-पिता भोपाल में रहते हैं. उनके पिता कर्नल केपी सिंह भी सेना से रिटायर्ड हैं. इसकी जानकारी भारतीय वायुसेना ने दी. 8 दिसंबर को इस हेलिकॉप्टर क्रैश में देश के प्रथम सीडीएस जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और 11 सैन्य अधिकारियों व जवानों की मृत्यु हो गयी थी. ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह को इस साल राष्ट्रीय रामनाथ कोविंद ने शौर्य चक्र से सम्मानित किया था. पिछले साल एक उड़ान के दौरान ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के तेजस फाइटर में तकनीकी खराबी के कारण, उन्होंने अपने फाइटर प्लेन को मिड-एयर इमरजेंसी के बावजूद सुरक्षित उतारा था. इस साहसीक कार्य के लिए उन्हें शोर्य चक्र से नवाजा गया था.





