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शनिवार, जून 19, 2021
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jamshedpur-black-fungus-जमशेदपुर के टीएमएच में आया ”ब्लैक फंगस” का मरीज, अस्पताल चौकन्ना, धनबाद में ब्लैक फंगस से एक महिला की मौत की खबर-corona-झारखंड में मिले 4 नये वेरियेंट के कोरोना वायरस, जमशेदपुर से नये वेरिएंट की जांच के लिए भेजे गये थे सैंपल, जानें क्या है ये नया खतरा

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रांची/धनबाद/जमशेदपुर : झारखंड के जमशेदपुर स्थित टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) में ब्लैक फंगस ( म्यूकोरमाइकोसिस) का एक मरीज आया है. इस मरीज को टीएमएच में भर्ती कराया गया है. इसकी पुष्टि टाटा स्टील के पूर्व जीएम और टाटा स्टील मेडिकल सर्विसेज के सलाहकार डॉ राजन चौधरी ने संवाददाता सम्मेलन में की है. डॉ चौधरी ने बताया कि ब्लैक फंगस कोई नयी बीमारी नहीं है. जिसको इम्यूनिटी कम है, डाइबिटीज है, हाई डोज ऑफ स्ट्रायड चलता है, उसमें यह देखा जाता है. टीएमएच में भी एक मरीज आया है, जिनका इलाज चल रहा है. डॉ राजन चौधरी ने बताया कि वह मरीज पहले ब्लैक फंगस की बीमारी लेकर आया था. उसकी टेस्टिंग की गयी तो वह बाद में कोरोना पोजिटिव पाये गये है. उनका इलाज चल रहा है. वह कैसे इसकी चपेट में आये है और उनका इलाज कैसे संभव हो सकता है, यह कोशिशें तेज की गयी है. वैसे यह टीएमएच प्रबंधन पता लगा रहा है कि ब्लैक फंगस का जो केस आया है, वह कैसे आया है और क्या उसकी हिस्ट्री रही है.
धनबाद में एक महिला की मौत की अपुष्ट खबर, झारखंड में अब तक 8 मरीज मिले

कोरोना की दूसरी लहर में लोगों की जान पर आफत है. ब्लैक फंगस का असर तेजी से दिखा है. झारखंड के धनबाद जिले के अशर्फी अस्पताल में भर्ती बलियापुर सूर्या हाईलैंड की रहने वाली एक 50 साल की महिला की गुरुवार की सुबह ब्लैक फंगस की मौत हो गयी थी. हालांकि, जिला प्रशासन ने इसकी पुष्टि नहीं की है कि ब्लैक फंगस से महिला की मौत हुई थी. महिला कुछ दिन पहले कोरोना वायरस की चपेट में आयी थी. उनके 70 से 80 फीसदी फेफड़े पर इंफेक्शन हो गया था. बाद में उन्हें ब्लैक फंगस ने जकड़ लिया. वैसे उक्त महिला कोरोना नेगेटिव हो चुकी है. झारखंड में इससे पहले रांची, रामगढ़ समेत अन्य जिलों में 8 केस आ चुके है, जिसका इलाज चल रहा है. ब्लैक फंगस एस्ट्रायड के कारण लोगों को बीमार बनाता है. इसके बाद आंखों की रोशनी चली जाती है और लोगों की आंख भी हटाने पड़ते है. कई लोगों की जान भी चली जाती है.
झारखंड में मिले कोरोना के चार नये वेरिएंट, जमशेदपुर से भी गये थे सैंपल

झारखंड में कोरोना पहले से जानलेवा था, लेकिन गुरुवार की देर शाम को झारखंड को मिली ओड़िशा के भुवनेश्वर स्थित रिजनल जीनोम सिक्वेंसिंग लेबोरेट्री की जांच रिपोर्ट ने सरकार के पांव एक बार फिर से हिला दिये है. कोरोना के चार नये वेरिएंट झारखंड में पाये गये है. झारखंड में कोरोना के यूके स्ट्रेन (बी.1.1.7) के साथ साथ डबल म्यूटेंट (इंडियन म्यूटेंट) (बी.1.617) के भी तीन अलग-अलग रुप मिले है. आरटीपीसीआर टेस्टिंग में पोजिटिव पाये गये कुछ लोगों के सैंपल को टेस्टिंग के लिए भुवनेश्वर स्थित रिजनल जीनोम सिक्वेसिंग लैब भेजा गया था, जहां से इस नये खतरे की जानकारी दी गयी है. इससे राज्य सरकार और राज्य की जनता में डर देखा जा रहा है. राज्य में अब तक 98 सैंपल की जांच के लिए भेजा गया था, जिसमें से 41 सैंपल में यूके स्ट्रेन, 25 में बी.1.617 वेरिएंट, 12 सैंपल में बी.1.617-2 और दो सैंपल में बी.1.617-3 वेरिएंट मिले है. 41 फीसदी सैंपल में यूके स्ट्रेन और 40 फीसदी में डबल म्यूटेंट मिले है. बताया जाता है कि झारखंड में पाये गये यूके स्ट्रेन से ज्यादा खतरनाक बी.1.617 वेरिएंट है. इससे मौतें अधिक हो रही है. अधिकांश मौत का कारण यहीं है. डब्ल्यूएचओ (विश्व स्वास्थ्य संगठन) के मुताबिक, कोरोना के 6.1.617 वेरिएंट काफी चिंताजनक होती है और इससे काफी जानें जाती है. इस वेरिएंट में ही तीन वेरिएंट बी.1.617-1, बी.1.617-2 और बी.1.617-3 शामिल है. इसमें तीनों वेरिएंट झारखंड में मिले है. आइसीएमआर आरटीपीसीआर के सैंपल में कम से कम पांच फीसद सैंपल की जीनोम सिक्वेंसिंग की बात करता है, जिसके आधार पर इसको भेजा गया है. वैसे जो वेरिएंट का पता चला है, उसके सैंपल जमशेदपुर के टीएमएच से भी भेजे गये थे. टीएमएच के पूर्व जीएम और टाटा स्टील मेडिकल सर्विसेज के सलाहकार डॉ राजन चौधरी ने बताया है कि यहां से भी सैंपल भेजे गये थे, लेकिन नये वेरिएंट की रिपोर्ट को टीएमएच के साथ साझा नहीं किया गया है.

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