जमशेदपुर क्राइम : अखिलेश गिरोह के कन्हैया और सुधीर दुबे के बरी होने से रामपुकार की परेशानी बढ़ी

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अपराधकर्मी अखिलेश सिंह.

अमित राय पर फायरिंग मामले में था मुख्य गवाह
जमशेदपुर : अमित राय पर साकची के स्वर्णरेखा फ्लैट के पास 23 दिसंबर 2016 को हुई फायरिंग के मामले में सुधीर दुबे और कन्हैया सिंह को कोर्ट की ओर से बरी किए जाने के बाद मामले के मुख्य गवाह रामपुकार राय की परेशानी बढ़ गई है. रामपुकार राय ने कोर्ट में दोनों के खिलाफ गवाही दी थी. गवाही में कहा था कि उनके सामने घटना घटी थी. उन्होंने सुधीर दुबे और कन्हैया सिंह को फायरिंग करते हुए देखा था. गवाही के बाद ही कन्हैया सिंह और सुधीर दुबे को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. कोर्ट ने दोनों को कल फायरिंग के मामले में बरी कर दिया है. अब रामपुकार राय की परेशानी बढ़ गई है. रामपुकार को लगता है कि दोनों उसकी कभी भी हत्या कर सकते हैं या करवा सकते हैं.

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अखिलेश गिरोह का शूटर कंहैया सिंह.

अमित राय के बयान पर हुआ था मामला दर्ज
फायरिंग की घटना के बाद पुलिस ने अमित राय के बयान पर अखिलेश सिंह, सुधीर दुबे, कन्हैया सिंह व अन्य के खिलाफ फायरिंग करने का एक मामला दर्ज किया था. मामले में अमित राय ने कहा था कि कुछ दिनों से अखिलेश सिंह उसे फोन करके धमकी दे रहा था. इस बीच 23 दिसंबर 2016 की रात स्वर्णरेखा फ्लैट के पास से वह कार से गुजर रहा था. इसी बीच सुधीर दुबे और कन्हैया सिंह ने उस पर फायरिंग की. घटना में उसे गोली लगी थी. उसके बाद उसे इलाज के लिए टीएमएच में भर्ती कराया गया था.
परमजीत गिरोह का है रामपुकार
रामपुकार की बात करें तो वह परमजीत सिंह गिरोह का है. हालांकि उसके खिलाफ इक्का-दुक्का ही मामले दर्ज हैं. आज की तिथि में परमजीत गिरोह का लगभग में सफाया हो चुका है. परमजीत की घाघीडीह जेल में हुई हत्या के बाद उपेंद्र सिंह ने उसकी बागडोर संभाली थी, लेकिन उपेंद्र सिंह की हत्या के बाद परमजीत गिरोह पूरी तरह से बिखर गया है और सिमट कर रह गया है. पंकज दुबे भी सजायाफ्ता बन गया है. यह रामपुकार राय के लिए परेशानी का सबब है.

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