जमशेदपुर: बंगलुरू में इंटक का राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम होना तय है, जिसके लिए जमशेदपुर शहर से इंटक के नेता बंगलूरू पहुंच चुके है. वहां पर देश भर के इंटक नेताओं का जुटान होगा. इस दौरान शहर के श्रमिक नेताओं ने मजदूरों एवं इस्पात उद्योग से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर इंटक के केंद्रीय अध्यक्ष जी संजीवा रेड्डी से मिले और संयुक्त रुप से एक ज्ञापन सौंपा.ज्ञापन में बताया गया कि इस्पात आयात पर वर्तमान में लागू एंटी-डंपिंग ड्यूटी को निरंतर जारी रखा जाए, ताकि भारतीय इस्पात उद्योग को सस्ते एवं अनुचित विदेशी आयात से संरक्षण मिलता रहे तथा लाखों श्रमिकों के रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित हो, कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस -95) के अंतर्गत उच्च पेंशन की गणना में अपनाई जा रही प्रो-राटा प्रणाली को समाप्त किया जाए तथा सभी पात्र पेंशनरों को वास्तविक पेंशन योग्य वेतन के आधार पर उच्च पेंशन एवं लंबित एरियर का भुगतान सुनिश्चित किया जाए. (नीचे भी पढ़े)

इसके अलावा भारतीय इस्पात उद्योग के लिए समर्पित रेलवे फ्रेट कॉरिडोर का शीघ्र विकास एवं विस्तार किया जाए, ताकि लौह अयस्क, कोयला एवं तैयार इस्पात उत्पादों का परिवहन तेज, किफायती और प्रतिस्पर्धी बन सके. इससे लॉजिस्टिक लागत कम होगी, भारतीय इस्पात उद्योग की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी तथा औद्योगिक विकास एवं रोजगार सृजन को नई गति मिलेगी. केंद्रीय इंटक नेतृत्व से अनुरोध किया गया कि वह इन सभी महत्वपूर्ण मुद्दों को भारत सरकार के समक्ष प्राथमिकता के आधार पर उठाए तथा शीघ्र समाधान सुनिश्चित कराने के लिए प्रभावी पहल करे.श्रमिक नेताओं में राकेश्वर पांडेय, रघुनाथ पांडेय, आर रवि प्रसाद, बिजय खां, डॉ. शहनवाज आलम, संजीव श्रीवास्तव, सतीश सिंह, शैलेश सिंह, अमोद दुबे, रवि कुमार शामिल थे.सभी नेताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्रीय इंटक श्रमिकों एवं पेंशनरों के इन महत्वपूर्ण मुद्दों को सरकार के समक्ष मजबूती से उठाकर उनके न्यायोचित समाधान के लिए प्रभावी पहल करेगा.







