नयी दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को बिहार के पूर्व सीएम और राष्ट्रीय जनता दल(राजद) के प्रमुख लालू यादव की उस याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने कथित आईआरसीटीसी स्कैम केस से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में उनके खिलाफ आरोप तय करने के खिलाफ याचिका दायर की थी.जस्टिस सचिन दत्ता ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जवाब मांगा. इसके साथ ही कोर्ट ने यादव को हाई कोर्ट में अगली सुनवाई तक ट्रायल कोर्ट में स्थगन लेने की भी इजाजत दे दी. अब इस मामले की सुनवाई 3 दिसंबर को होगी. लालू यादव ने 10 सितंबर को पास हुए ट्रायल कोर्ट के ऑर्डर को चुनौती दी है , जिसमें उनके, उनके बेटे तेजस्वी यादव और पत्नी राबड़ी देवी वगैरह के खिलाफ पीएमएलए चार्ज लगाए गए थे.(नीचे भी पढ़े)
ट्रायल कोर्ट ने कहा था ,राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव पर पद के गलत इस्तेमाल और अपराध से कमाई का पक्का शक है, जो पटना में एक दागी ज़मीन का फ़ायदा उठा रहे हैं, जो लालू यादव के कहने पर उन्हें साल 2005 और 2014 में ट्रांसफर की गई थी, जब वे केंद्रीय रेल मंत्री थे. ट्रायल कोर्ट ने आगे कहा था कि यह इशारा मिलता है कि जब लालू रेल मंत्री थे, तब रेलवे अधिकारियों ने रांची और पुरी में होटलों की लीज़ देने के लिए एक टेंडर में हेरफेर किया था. इन होटलों के डायरेक्टरों ने बिहार के पटना में एक ज़मीन लालू की करीबी सहयोगी सरला गुप्ता को ट्रांसफर कर दी थी, जिन्होंने फिर शेयर बहुत कम कीमत पर राबड़ी देवी को ट्रांसफर कर दिए थे.कोर्ट ने लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव समेत कुल नौ लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय किए थे. सात अन्य को बरी कर दिया गया.












