जमशेदपुर : जमशेदपुर के बैंक ऑफ इंडिया के आंचलिक कार्यालय द्वारा बिष्टुपुर के बैंक ऑफ इंडिया भवन में इसीएलजीएस (इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम) के अंतर्गत एक भव्य आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त राजीव रंजन थे. कार्यक्रम में बैंक ऑफ इंडिया के आंचलिक प्रबंधक पंकज कुमार मिश्रा, उप आंचलिक प्रबंधक अजीत कांत, उप आंचलिक प्रबंधक (वसूली) भूपेंद्र नारायण, सहायक महाप्रबंधक (एसएमसीसी) हिमांशु शेखर तथा बैंक के विभिन्न शाखाओं के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में उद्यमी एवं व्यवसायी उपस्थित रहे. अपने संबोधन में मुख्य अतिथि उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमइ) क्षेत्र के विकास में बैंकिंग क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है. उन्होंने उद्यमियों से सरकार एवं बैंकों द्वारा संचालित विभिन्न ऋण योजनाओं का लाभ उठाकर रोजगार सृजन एवं आर्थिक विकास में योगदान देने का आह्वान किया. (नीचे भी पढ़ें)

उपायुक्त ने कहा कि बैंक द्वारा बड़े व्यवसायियों के साथ साथ छोटे कारोबारियों को भी ऋण सुविधा प्रदान किया जाए. इस अवसर पर बैंक ऑफ इंडिया द्वारा इसीजीएस योजना के अंतर्गत कुल 141 ऋण आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की गई, जिनकी स्वीकृत राशि लगभग 40 करोड़ रुपये है. मुख्य अतिथि द्वारा लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए गए. आंचलिक प्रबंधक पंकज कुमार मिश्रा ने बताया कि बैंक ऑफ इंडिया उद्यमियों एवं व्यापारियों को समयबद्ध एवं सुगम ऋण सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि बैंक विभिन्न सरकारी एवं बैंकिंग योजनाओं के माध्यम से स्थानीय उद्योगों एवं व्यवसायों के विकास को निरंतर प्रोत्साहित कर रहा है. कार्यक्रम का समापन लाभार्थियों एवं उपस्थित उद्यमियों के साथ संवाद तथा बैंकिंग सेवाओं के संबंध में जागरूकता सत्र के साथ हुआ.







