
जमशेदपुर : मंगलवार को विश्व भोजपूरी विकास परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष निवास तिवारी के नेतृत्व में सभी भोजपुरी संगठन के प्रतिनिधि पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास से मिल भाषाई विवाद पर अपना रुख स्पष्ट करते हुये भोजपुरी मगही, मैथली और अंगिका के हो रहे पूरे राज्य में विरोध पर आपत्ति दर्ज कराते हुए भोजपुरी भाषा के समर्थन में खड़े होने की बात कही. इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री सह क्षेत्र के लोकप्रिय नेता रघुवर दास ने बताया कि यह राज्य सरकार का षड्यंत्र है. राज्य सरकार पहले ये बताये की क्षेत्रीय भाषाओं के पढ़ाने के लिये क्या विद्यालय बने है और बने है तो उसके शिक्षकों की नियुक्ति हुई है क्या ? दूसरी तरफ राज्य के शिक्षा मंत्री को अगर आपत्ति है तो इस्तीफा दे, सरकार से इस तरह के ढोंग क्यों ? इस तरह के घृणित कार्य कर राज्य में अराजकता फैलाने की साजिश रच रहे है. लोग और जनता को दिग्भ्रमित कर रहे है. दास ने कहा कि नियोजन नीति की नियमावली क्या बनी है. राज्य से मातृभाषा हिंदी को ही गायब करने की साजिश रची जा रही है. उन्होंने बताया कि वो भोजपुरी का सम्मान करते है और भारतीय जनता पार्टी सभी भाषा का सम्मान करती है. (नीचे भी पढ़ें)
इस अवसर पर भोजपुरिया समाज के तरफ से भोजपुरी साहित्य परिषद के अरविंद विद्रोही ने कहा कि इस राज्य में आग लगाने की मंशा पाले कुछ चुनिंदा नेताओं द्वारा भोजपुरी, मगही, मैथिली और अंगिका भाषा का उपेक्षा की जा रही है जबकि राज्य निर्माण में हम सभी ने अपना योगदान दिया है जिसे भुलाया नहीं जा सकता है और भाषा विवाद को तूल देकर राज्य सरकार अपने लिए कब्र खोद रही है. कार्यक्रम में मुख्य रूप से विश्व भोजपुरी विकास परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी, भोजपुरी साहित्य परिषद के अध्यक्ष अरविंद विद्रोही, राष्ट्रीय भोजपुरी मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष कवलेश्वर पांडेय, विश्व भोजपुरी विकास परिषद के मुन्ना चौबे, मिथिलेश प्रसाद श्रीवास्तव, सुनील सहाय, डीडी त्रिपाठी, प्रमोद पाठक, ताराचंद श्रीवास्तव, साधु चरण सिंह, मुरारी सिंह, अजय किशोर चौबे समेत अन्य लोग मौजूद रहे.




