जमशेदपुर: जमशेदपुर के ग्रामीण इलाका बरसोल थाना क्षेत्र के बिरसानगर निवासी द्वारिका सिंह को लगभग आठ साल पुराने मारपीट और छिनतई के एक मामले में मंगलवार 13 अक्टूबर 2026 को बड़ी राहत मिली है. जमशेदपुर कोर्ट के प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी अर्चना मिश्रा की अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में अभियुक्त द्वारिका सिंह को सभी आरोपों से दोषमुक्त करते हुए मुकदमे से रिहा कर दिया है. यह पूरा मामला वर्ष 2018 का है. (नीचे देखे पूरी खबर)

प्रार्थी भगत महतो की ओर से द्वारिका सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था. आरोप लगाया गया था कि द्वारिका सिंह ने उनके साथ मारपीट की, पैसे छीने और चाकू से सिर पर वार कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था. इस मामले की लंबी कानूनी प्रक्रिया के दौरान अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 6 गवाहों ने अपनी गवाही दर्ज कराई थी, जिसके परीक्षण के बाद न्यायालय ने यह फैसला सुनाया. अदालत में अभियुक्त द्वारिका सिंह की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश प्रसाद और हेमंत कुमार ने साक्ष्यों की कमियों को मजबूती से अदालत के समक्ष रखा. फैसले के दिन न्यायालय परिसर में उनके साथ सहयोगी अधिवक्ता अक्षय कुमार झा और मिथिलेश सिंह भी उपस्थित रहे. अदालत द्वारा दोषमुक्त करार दिए जाने के बाद द्वारिका सिंह और उनके समर्थकों ने राहत की सांस ली है.





