जमशेदपुर : मिर्गी रोग से पीड़ित व्यक्तियों की समय रहते पहचान, समुचित उपचार तथा पुनर्वास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जमशेदपुर के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की पहल पर प्रोजेक्ट ‘उल्लास’के तहत घाटशिला अनुमंडल अस्पताल में 11 एवं 12 अगस्त को दो दिवसीय विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जा रहा है. इस शिविर का आयोजन जिला स्वास्थ्य समिति, पूर्वी सिंहभूम द्वारा किया जा रहा है. वहीं, एम्स, नई दिल्ली के सहयोग से चिकित्सा पदाधिकारियों, सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों (सीएचओ), सहिया एवं एएनएम को मिर्गी रोग प्रबंधन से संबंधित प्रशिक्षण भी आगे प्रस्तावित है. सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने बताया कि शिविर के माध्यम से मिर्गी रोग के बारे में जन-जन तक जागरूकता फैलाना एवं उससे जुड़े मिथकों को दूर करना है. (नीचे भी पढ़े)
मिर्गी रोग की शीघ्र पहचान व निदान को प्रोत्साहित करना, रोगियों को सुलभ और नियमित उपचार उपलब्ध कराना, मिर्गी से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों व कलंक को कम करना, उपचार की निरंतरता सुनिश्चित कर रोगियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना है. शिविर में कई सेवाएं उपलब्ध रहेंगी, जिसमें मिर्गी रोग की जांच एवं पहचान, आवश्यक औषधियों की उपलब्धता, विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा परामर्श व उपचार, बच्चों और वयस्कों के लिए परामर्श एवं मानसिक सहयोग, मरीजों एवं समुदाय आधारित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का सपोर्ट ग्रूप का गठन शामिल है. इस शिविर के माध्यम से जनमानस में जागरूकता में वृद्धि व सामाजिक कुरीतियों में कमी, मिर्गी रोग की शीघ्र पहचान और समय पर उपचार, उपचार की निरंतरता में सुधार, मिर्गी रोग से पीड़ित व्यक्तियों के जीवन स्तर में स्पष्ट सुधार लाने का प्रयास होगा. शिविर के सफल आयोजन हेतु सिविल सर्जन द्वारा डीआरसीएचओ डॉ. रंजीत पांडा को नोडल पदाधिकारी नामित किया गया है. साथ ही, दो मनोचिकित्सक, एक शिशु रोग विशेषज्ञ तथा दो चिकित्सा पदाधिकारियों की भी प्रतिनियुक्ति की गई है, जो शिविर के दौरान अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे. उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रयास से मिर्गी रोग से प्रभावित व्यक्तियों को बेहतर उपचार, सहयोग एवं सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी.











