
जमशेदपुरः जमशेदपुर के डिमना रोड स्थित उलीडीह थाना अंतर्गत के साकेत अस्पताल के डॉक्टर दीपक कुमार ने डायबिटीज के मरीजों की समस्याओं से उभरने व उसका लक्षण बताया है. उन्होंने इस दौरान प्रश्न उत्तर जारी कर कई मुख्य बिन्दुओं पर चर्चा की है.
प्रश्न-डायबिटीज की दीर्घकालीन जटिलताएं क्या-क्या है?
उत्तर- हृदय रोग, स्ट्रोक, डायबिटिक किडनी डिजीज, पैर अल्सर और आंखों को नुकसान
प्रश्न- डायबिटीज किडनी रोग भारत में कितनी बड़ी समस्या है?
उत्तर- भारत में डायबिटीज के रोगियों की संख्या लगभग 7.3 करोड़ है. यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. डायबिटीज के 30 से 35% मरीजों में डायबिटीक किडनी डिजीज होने की संभावना होती है.
प्रश्न- डायबिटीक किडनी रोग के लक्षण क्या-क्या है?
उत्तर- शुरुआत में इसके कोई लक्षण नहीं होते हैं, पेशाब में एल्बुमिन की जांच करने से ही इसका पता चलता है. समस्या अधिक बढ़ जाने के बाद इसके लक्षण है-असामान्य रक्तचाप, टखनों, पैरों, हाथों या आंखों में सूजन, बार-बार पेशाब करने की प्रवृत्ति, भ्रम या एकाग्रता की समस्या, हल्की सांस लेना, भूख कम लगना, मतली और उल्टी .
प्रश्न– डायबिटीक किडनी रोग के रोकथाम के लिए क्या-क्या उपाय हैं?
उत्तर- स्ट्रिक्ट ब्लड शुगर कंट्रोल, ब्लड प्रेशर कंट्रोल, सही वजन मेंटेन करना, धूम्रपान ना करना, नमक कम खाना, हरी सब्जियां फल सलाद इत्यादि ज्यादा खाना, प्रत्येक दिन कम से कम आधे घंटे व्यायाम.
प्रश्न- डायबीटीक किडनी रोग के पहचान के लिए क्या-क्या जाच उपलब्ध है?
उत्तर- यूरिन रूटीन, स्पॉट यूरीन एल्बुमिन क्रिएटनीन रेशियो, सिरम क्रिएटनीन, ईजीएफआर,फंडोस्कोपी शामिल है. डायबिटीज के मरीजों में अगर किडनी की समस्या के लक्षण दिखाई देते हैं तो यह जरूरी नहीं है कि सब के सब डायबिटीक किडनी रोगी ही हो. इसलिए इसका जांच बेहद जरूरी है.
प्रश्न- क्या इलाज से इसे पूरी तरह से किया जा सकता है?
उत्तर- रोकथाम ही सबसे अच्छा उपाय है. शुरुआती दौर में पता चलने से इसे ठीक किया जा सकता है. ज्यादा देर से पता चलने पर इसके प्रोग्रेस को धीमा किया जा सकता है.












