जमशेदपुर : जमशेदपुर के समाहरणालय (डीसी ऑफिस) स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित बैठक में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी द्वारा श्रम, नियोजन एवं कौशल विकास से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गई. उपायुक्त ने पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि मजदूरों, पात्र नागरिकों एवं युवाओं के लिए संचालित योजनाओं में प्रत्येक स्तर पर यह सुनिश्चित किया जाए कि निबंधन, सत्यापन और लाभ वितरण की प्रक्रिया त्वरित एवं पारदर्शी हो. संबंधित विभाग नियमित समीक्षा करें और विभागों के बीच आवश्यक समन्वय बनाए रखें, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की देरी न हो. उपायुक्त ने श्रम अधीक्षक को निर्देश दिया कि मजदूरों को श्रमिक चिकित्सा सहायता योजना का लाभ दिलाने हेतु सिविल सर्जन एवं एमजीएम अस्पताल से समन्वय स्थापित करें, ताकि मजदूर वर्ग के मरीजों को योजनाओं से शीघ्र आच्छादित किया जा सके. (नीचे भी पढ़े)

उन्होंने सभी तकनीकी विभागों को अपने संवेदक (कॉन्ट्रैक्टर) के अधीन कार्यरत मजदूरों का निबंधन कराना सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया. बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि मजदूर की मृत्यु की सूचना पर चार घंटे के भीतर सभी कागजी कार्य पूर्ण करते हुए श्रमिक मृत्यु सहायता योजना के अंतर्गत परिजनों को सहायता राशि प्रदान की जाए. साथ ही सेफ्टी किट वितरण योजना में पात्र आवेदकों की संख्या बढ़ाने तथा वितरण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया. बैठक में सरकार की अन्य प्रमुख श्रमिक कल्याणकारी एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का भी व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर बल दिया गया, ताकि अधिक से अधिक श्रमिक वर्ग लाभान्वित हो सके. नियोजन एवं कौशल विकास के क्षेत्र में उपायुक्त ने नियोजन पदाधिकारी को निर्देशित किया कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार मेला एवं कौशल प्रशिक्षण शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाएं, उद्योगों एवं प्रतिष्ठानों में स्थानीय नियोजन को प्राथमिकता दी जाए. बैठक में श्रम अधीक्षक, जिला नियोजन पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित विभागीय पदाधिकारी उपस्थित रहे.




