
जमशेदपुर : लॉकडाउन के 20 वें दिन हमने जमशेदपुर से होकर गुजरनेवाली NH 33 का जायजा लिया. जहां सड़क पर पिछले बीस दिनों से लॉकडाउन के कारण फंसे चालकों और खलासियों का बुरा हाल है. शहरों- गांवों और कस्बों पर सरकारी सुविधाओं के साथ स्वयंसेवी संगठनों और राजनीतिक दलों की ओर से जरूरी राहत सामग्रियां पहुंच रही है, लेकिन नेशनल हाइवे पर फंसे लंबी दूरी के गाड़ियों के चालकों और खलासियों के सामने भुखमरी की नौबत आन पड़ी है. इनके पास न पैसे हैं, न खाना बनाने का साधन. वहीं इन चालकों औऱ खलासियों ने सरकार से थोड़ी सहूलित की मांग की है, ताकि ये सुरक्षित अपने घरों तक पहुंच सके. फिलहाल ऐसा नहीं लग रहा है, कि इनके लिए कोई राहत या छूट दी जाएगी. वैसे जिला प्रशासन और सरकार को मामले की गंभीरता को समझने की जरूरत है.

राशनिंग विभाग का चक्कर काट रहे है लोग
लॉकडाउन के बीसवें दिन दर्जनों जरूरतमंद राशनिंग विभाग का चक्कर काटते नजर आए. आपको बता दें कि एक तरफ जहां सरकार पीडीएस डीलरों को हर प्रकार के जरूरतमंद कार्डधारियों को राशन देने का फरमान जारी करने का दावा कर रही हा, वहीं दूसरी तरफ जमशेदपुर में आज भी सैकड़ों ऐसे लाभुक हैं, जिनका राशन कार्ड तो है, लेकिन वह निष्क्रिय हो चुका है, ऐसे में डीलर उन्हें राशन देने से साफ इंकार कर रहे हैं. इतना ही नहीं कई लाभुक ऐसे भी है, जिनको आज तक ये भी नहीं पता कि उनका डीलर कौन है. वहीं इस संकट के घड़ी में भी उपभोक्ताओं को टेबलों का चक्कर काटना पड़ रहा है. अधिकारी इस संबंध में कुछ भी बताने से कतराते नजर आए. नतीजा लाभुक लॉक डाउन के दौरान सरकारी खामियों का भुगतने को विवश हैं.








