जमशेदपुर : जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल का छत गिरने की घटना में तीन लोगों का शव निकाल लिया गया है. तीनों शवों की पहचान कर ली गयी है. इस घटना में मारे गये एक व्यक्ति का नाम डेविड जॉनसन है, जो जमशेदपुर के सिदगोड़ा के दस नंबर बस्ती सिंधी रोड के रहने वाले थे. वे करीब पांच साल से वहां एडमिट थे और उनके परिवारवाले उनसे मिलने आते थे. उनकी पत्नी एलिन जॉनसन घटना की जानकारी मिलने के बाद एमजीएम अस्पताल पहुंची, जिसके बाद उन्होंने अपना दुख व्यक्त किया. एमजीएम अस्पताल में घटी घटना में गोविंदपुर स्थित गदरा निवासी लुकास साइमन तिर्की और सरायकेला निवासी श्रीचंद तांती भी शामिल है. वहीं, इस घटना में कुल 12 लोग घायल थे, जिसमें से तीन लोगों का इलाज चल रहा है. (नीचे भी पढ़ें)
एक महिला गंभीर रुप से घायल है. एनडीआरएफ की टीम ने सारे मलबा को हटा दिया है. अब इस मामले को लेकर जांच शुरू कर दी गयी है. जमशेदपुर के उपायुक्त अनन्य मित्तल को स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट देने को कहा है. वहीं, उपायुक्त ने एडीसी, भवन निर्माण विभाग के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर, एसडीओ और एमजीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य की एक कमेटी बनायी है, जिनको कहा गया है कि मंगलवार तक हर हाल में जांच रिपोर्ट सौंप दे. इसके बाद इसको सरकार के पास भेजा जायेगा. दूसरी ओर, इस मामले को लेकर सरकार की ओर एक बार फिर से राज्य के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन भी घटनास्थल पर पहुंचे. (नीचे भी पढ़ें)

उनके साथ जुगसलाई के विधायक मंगल कालिंदी, पोटका के विधायक संजीव सरदार, बहरागोड़ा के पूर्व विधायक कुणाल षाडंगी, पूर्व सांसद सुमन महतो समेत अन्य लोग पहुंचे. इन लोगों ने व हां घायलों के चल रहे इलाज की जानकारी ली. इसके अलावा मारे गये लोगों के परिजनों से मुलाकात की. सरकार ने प्रत्येक मृतक को 5 – 5 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है. वहीं, घायलों का मुफ्त इलाज और 50 हजार रुपये मुआवजा देने कीी घोषणा कर दी है. इस घटना के बाद पूरी बिल्डिंग की जांच शुरू हो गयी है. घटना के बाद झालसा की ओर से जिला जज भी पहुंचे और मामले की जांच की.











