जमशेदपुर : टेल्को क्षेत्र में ट्यूशन पढ़ने के लिए घर से निकली एक नाबालिग छात्रा के अपहरण के मामले में घटना के तीन दिन बाद भी पुलिस को कोई ठोस सफलता नहीं मिली है. छात्रा के पिता की शिकायत पर टेल्को थाना पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, हालांकि अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. पुलिस ने एक नामजद आरोपी नोवान सिराजी को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया. मामले को लेकर टेल्को पुलिस की ओर से फिलहाल कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी जा रही है. (नीचे भी पढ़ें)
परिजनों के अनुसार, छात्रा 14 अक्टूबर को घर से ट्यूशन पढ़ने के लिए निकली थी. निर्धारित समय पर उसके घर नहीं लौटने पर परिवार के लोगों को चिंता हुई. इसके बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की. इसी दौरान छात्रा के साथ कथित तौर पर हुई घटना की जानकारी सामने आई. छात्रा के पिता ने पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया है कि रॉक गार्डन के पास चार युवकों ने उनकी बेटी को जबरन कार में बैठा लिया. शिकायत के मुताबिक, कार में बैठाने के बाद आरोपी छात्रा को शहर के अलग-अलग इलाकों और हाइवे पर करीब चार घंटे तक घुमाते रहे. इसके बाद उसे टेल्को स्थित राम मंदिर के पास छोड़ दिया गया. आरोप है कि छात्रा को वहां छोड़ने के बाद सभी युवक मौके से फरार हो गए. घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने टेल्को थाना पहुंचकर पुलिस से शिकायत की और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. (नीचे भी पढ़ें)
छात्रा के पिता की शिकायत पर टेल्को थाना पुलिस ने नोवान सिराजी, राजा चौबे, क्षितिज और एक अज्ञात युवक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए नोवान सिराजी को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी. हालांकि, पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया. वहीं, अन्य आरोपियों की तलाश किए जाने की बात सामने आई है. घटना के तीन दिन बाद भी किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं. छात्रा के पिता ने मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है. परिजनों का आरोप है कि उनकी नाबालिग बेटी को जबरन कार में बैठाकर कई घंटों तक अलग-अलग जगहों पर घुमाया गया. फिलहाल पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर मामले की जांच कर रही है. हालांकि, घटना के संबंध में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है. पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी परिस्थितियों और इसमें कथित रूप से शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी.





