
जमशेदपुर: वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान उपजे हालात के बाद सबसे ज्यादा अगर कोई प्रभावित हो रहा है, तो वो है, अभिभावक वर्ग. केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से निजी स्कूलों पर नकेल कसने संबंधी कोई अध्यादेश जारी नहीं किया गया है. इधर निजी स्कूल अभिभावकों को दोहन का कोई मौका नहीं चूक रहे. यही कारण है, कि अब अभिभावकों का सब्र जवाब दे रहा है. अभिभावक गोलबंद हो रहे हैं.
इन सब मांगों को लेकर एनसीपी की ओर से जमशेदपुर के साकची स्थित भगवान बिरसा मुंडा गोल चक्कर के समीप निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ एक दिवसीय धरना प्रदर्शन करते हुए केंद्र और राज्य सरकार के प्रति आक्रोश प्रकट किया गया. वहीं एनसीपी नेता डॉ पवन पांडेय ने निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए साफ कर दिया है, कि अगर निजी स्कूल अभिभावकों को फीस के मामले में मोहलत देने से इंकार करती है, तो आगे उग्र आंदोलन किया जाएगा.
उन्होंने निजी स्कूलों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए बीच का रास्ता निकाले जाने की मांग की. उन्होंने बताया कि निजी स्कूलों की मनमानी के कारण अभिभावक आत्महत्या करने को विवश हो रहे हैं. अगर जल्द ही सरकार का ध्यान इस ओर नहीं गया तो यह स्थिति और भी भयावह हो जाएगी. वैसे उन्होंने निजी स्कूलों के खिलाफ आंदोलन जारी रखने की बात कही.












