जमशेदपुर : जमशेदपुर के साकची राजेंद्र नगर हाउस बिल्डिंग कोऑपरेटिव सोसाइटी के अंतर्गत आने वाली राजेंद्र नगर न्यू कॉलोनी में अंडरग्राउंड वायरिंग के कार्य को लेकर उठे विवाद पर समिति ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है. समिति के सदस्य विशाल त्रेहान ने मीडिया के समक्ष कहा कि कॉलोनी में चल रहे विकास कार्य को धार्मिक मुद्दा बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि धार्मिक आस्था के उल्लंघन का आरोप बेबुनियाद है. मालूम हो कि बुधवार को कॉलोनी के काम में दखलदाजी कर रहे एक व्यक्ति उपायुक्त कार्यालय के सामने आत्मदाह करने का दिखावा करने पहुंचे थे. कॉलोनी के लोगों का कहना है कि जो भी काम हो रहा है वह समिति के सभी सदस्यों के सहयोग से हो रहा है लेकिन एक व्यक्ति ऐसा है जो काम को होने नहीं देना चाह रहे हैं. (नीचे भी पढ़ें)

लोगों ने कॉलोनी मैं जर्जर तार की स्थिति से मीडिया को अवगत कराया. विशाल त्रेहान व पूजा मोदी ने कहा कि कॉलोनी की करीब 49 साल पुरानी बिजली वायरिंग को भूमिगत करने की पहल पिछले 8 से 10 महीनों से की जा रही है. इसके लिए संबंधित विभागों, उपायुक्त कार्यालय और स्थानीय थाने से आवश्यक अनुमतियां ली गई हैं. उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में ऑडिट रिपोर्ट भी तैयार कराई गई है. सभी आवश्यक स्वीकृतियां मिलने के बाद कार्य शुरू किया गया है. समिति सदस्य ने बताया कि वायरिंग को भूमिगत करने का काम शुरू होने के बाद एक प्लॉटधारक की ओर से लगातार आपत्ति जताई जा रही है. उनका आरोप है कि मामले को अनावश्यक रूप से तूल देकर प्रशासन पर गलत आरोप लगाए जा रहे हैं तथा विवाद को धार्मिक रंग देने की कोशिश की जा रही है. विशाल त्रेहान ने स्पष्ट किया कि बिजली का डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स (डीबी बॉक्स) शिवलिंग वाले पेड़ से करीब छह फीट की दूरी पर लगाया जा रहा है. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने कहा कि इसके बावजूद इस विषय पर भ्रम फैलाया जा रहा है. समिति का कहना है कि वायरिंग का काम कॉलोनी की पुरानी व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है. विशाल त्रेहान के मुताबिक, कॉलोनी के कुल 25 प्लॉट धारकों में से 24 इस कार्य और समिति के साथ हैं, जबकि एक प्लॉटधारक इसका विरोध कर रहा है. समिति ने प्रशासन और मीडिया से मामले के सभी पहलुओं को समझने की अपील की है. साथ ही प्लॉट धारकों के अधिकारों को ध्यान में रखते हुए अंडरग्राउंड वायरिंग का काम पूरा कराने देने का आग्रह किया है.





