गालूडीह: घाटशिला प्रखंड के गालूडीह थाना क्षेत्र में टोल प्लाजा निर्माण के लिए पुतरू गांव के 21 एकड़ अधिकृति जमीन के 60 हजार डिसमिस की दर से मुआवजा या जमीन वापसी को लेकर ग्राम प्रधान मृत्युंजय महतो के अध्यक्षता में बुधवार को पुतरु में ग्रामसभा आयोजित हुआ. ग्रामसभा में विधायक रामदास सोरेन, जिला बीस सूत्री उपाध्यक्ष मोहन कर्मकार, झामुमो नेता, रैयतदार एवं ग्रामीण शामिल हुए थे. गांव के 37 रैयतदार से 21 एकड़ जमीन भूमि संरक्षण विभाग द्वारा अधिकृत किया गया था. जिसमे 7 रैयतदार ने विभाग से राशि का उठाव कर लिया.(नीचे भी पढ़े)
30 रैयतदारो ने एनएचएआई एवं भूमि संरक्षक विभाग द्वारा जमीन की कम कीमत दिए जाने के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. जमीन अधीकृत करने में अनियमितता बरतने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जाहिर किया. ग्रामीण टोल प्लाजा निर्माण के लिए लिया गया 21 एकड़ में बचे हुए जमीन को वापसी का मांग कर रहे है. ग्रामसभा में रैयतदारों अपने पक्ष रखते हुए जमीन वापसी का मांग करने लगा, साथ ही अपना पक्ष रखा ग्रामसभा में शामिल झामुमो नेता मोहन कर्मकार, जगदीश भकत,वकील हेंब्रम, करुणाकर महतो ने अपना पक्ष रखा.(नीचे भी पढ़े)
अब मुआवजा नहीं, जमीन चाहिए: रैयतदार चंदन कुमार, सारथी सोरेन, रेखा सोरेन, दांगनी सोरेन, अंजली महतो, जोत्सना महतो ने कहा दो वर्ष से हमे सिर्फ आश्वासन मिल रहा, धैर्य अब नहीं रहा, हमे जमीन वापस चाहिए, मुआवजा नहीं चाहिए. जमीन दिलवाने का घोषणा करें विधायक, जमीन ही हमारा रोजगार है, जमीन वापसी से हमारे आने वाला पीढ़ी का भविष्य बच पाएगा.जमीन मामले में विधायक घोषणा कर जमीन वापस दिलवाए. राज्य में आदिवासी मुख्यमंत्री, फिर भी आदिवासी मूलवासी को ठगा जा रहा, अधिकारी मनमानी कर रहा. (नीचे भी पढ़े)
एनएचएआई बताएं 21 एकड़ जमीन क्यों लिया: विधायक रामदास
पुतरु गांव में एनएचएआई एवं भूमि संरक्षण विभाग द्वारा अधिकृत जमीन के मामले में आयोजित ग्राम सभा से विधायक रामदास सोरेन ने एनएचएआई विभाग के खिलाफ सवाल करते हुए कहा पुतरु के रैयतदारों के जमीन अधिग्रहण गलत तरीका से किया गया, एनएचएआई बताएं कि आखिर 21 एकड़ जमीन क्यों लिया, अगर कॉमर्शियल के लिए तो, रैयतदारों को कॉमर्शियल दर देना होगा, नहीं तो जमीन ग्रामीण को वापस कर दें. विधायक ने कहा लड़कर राज्य हासिल किए है, जमीन भी हासिल करेंगे. सभा में घोषणा करते हुए विधायक ने रैयतदारो से मंगलवार को उपायुक्त को जमीन वापसी का आवेदन सौंपे, बुधवार से अपने जमीन पर खेती करें या आवास निर्माण शुरू कर दें. अगर एनएचएआई को जमीन चाहिए तो एसडीओ के साथ बैठक जमीन का दर 60 डिसमिल तय हुआ था,वही दर चाहिए, नहीं तो जमीन रैयतदार को वापस करें. हम सभी रैयतदार के साथ खड़े है, जो भी खेती करने के लिए रोकेगा, हमें सूचित करे, हम देख लेंगे.



