बहरागोड़ा: बहरागोड़ा क्षेत्र में शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर मनाई जाने वाली कोजागरी लक्ष्मी पूजा को लेकर चारों तरफ उत्साह का माहौल है. धन की देवी मां लक्ष्मी के स्वागत और उनकी भव्य आराधना के लिए पूरे क्षेत्र में तैयारियां अंतिम चरण पर हैं. क्षेत्र के प्रमुख शिल्पग्राम पारुलिया, मधुआबेड़ा, चड़कमारा, गुहियापाल, कोटशोल, बेंदा, झाटियाशोल और मौदा में इन दिनों विशेष रौनक देखने को मिल रही है. इन गांवों के स्थानीय मूर्तिकार और कारीगर पूरी तत्परता, अटूट श्रद्धा और उत्कृष्ट कलात्मकता के साथ मां लक्ष्मी की विभिन्न मनमोहक स्वरूपों को अंतिम रूप देने में दिन-रात जुटे हुए हैं. कारीगरों की उकेरी गई प्रतिमाएं इस बार पूजा का मुख्य आकर्षण बनने जा रही हैं. (नीचे भी पढ़े)
कोजागरी पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की विशेष विधान है. मान्यता है कि इस पावन रात्रि में माता लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और अपने भक्तों के घरों में वास करती हैं. इसी आस्था को ध्यान में रखते हुए बहरागोड़ा के हर घर और पूजा पंडालों में विशेष तैयारियां की जा रही हैं.मूर्तियों की कलात्मक सजावट और आकर्षक रंगों का काम देखने लायक है, जिसे लेकर ग्रामीणों में भी उल्लास है.





