जमशेदपुर : झारखंड हाईकोर्ट ने जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित डॉ. श्रीकृष्ण सिन्हा संस्थान के महासचिव (जनरल सेक्रेटरी) हरिवल्लभ सिंह आरसी पर लगे भ्रष्टाचार और अनियमितता के आरोपों की जांच को लेकर अहम निर्देश दिया है. हाईकोर्ट ने राज्य के निबंधन महानिरीक्षक को निर्देश दिया है कि वे मामले में दर्ज शिकायत पर सभी पक्षों को सुनकर तीन महीने के भीतर नियमानुसार उचित फैसला लें. संस्थान से जुड़े संजय कुमार और अन्य ने इसी साल 11 फरवरी को निबंधन महानिरीक्षक, झारखंड के पास एक शिकायत दर्ज कराई थी. याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि संस्थान के जनरल सेक्रेटरी डॉ. हरि बल्लभ सिंह ‘आरसी’ द्वारा संस्थान में चुनाव नहीं कराया जा रहा है और वित्तीय व अन्य स्तर पर गंभीर अनियमितताएं व भ्रष्ट आचरण बरते जा रहे हैं. शिकायत मिलने के बाद, महानिरीक्षक कार्यालय ने 9 अप्रैल को कोल्हान प्रमंडल के निबंधन कार्यालय के इंस्पेक्टर से रिपोर्ट मांगी थी. (नीचे भी पढ़ें)
इसके बाद 10 अप्रैल को पहले याचिकाकर्ता को साक्ष्यों के साथ उपस्थित होने को कहा गया था, जहां उन्होंने दस्तावेज भी सौंपे थे. लेकिन इसके बाद आगे की कार्रवाई लंबित रहने के कारण याचिकाकर्ताओं संजय कुमार, रमन कुमार व रविंद्र कुमार ने झारखंड हाईकोर्ट में रिट याचिका (डब्ल्यूपीसी नंबर 8154-2026) दायर की थी. इस मामले की न्यायमूर्ति राजेश शंकर की अदालत में सुनवाई हुई. राज्य सरकार की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि यह मामला अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन यदि यह सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 और झारखंड सोसायटी रजिस्ट्रेशन रूल्स, 1965 के दायरे में आता है, तो नियमानुसार उचित निर्णय लिया जाएगा. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने याचिका का निपटारा करते हुए निबंधन महानिरीक्षक को निर्देश दिया कि वे याचिकाकर्ताओं और संस्थान के प्रतिनिधियों को सुनवाई का पूरा अवसर दें और आदेश की प्रति मिलने के तीन महीने के भीतर कानून के मुताबिक अंतिम फैसला लें. साथ ही अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि उसने शिकायत के गुणा-भाग या उसकी मेरिट पर कोई टिप्पणी नहीं की है, इसका निर्णय प्राधिकारी स्वयं सुनवाई के बाद लेंगे.












