जमशेदपुर : जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी को उत्कृष्ट अनुसंधान केंद्र में तब्दील करने का लक्ष्य हासिल करने के उद्देश्य से कुलपति डॉ अंजिला गुप्ता ने कई पहल की है. इसी क्रम में उनके मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय के आइक्यूएसी द्वारा ‘रिसर्च एंड पब्लिकेशन एथिक्स’ पर एक ऑनलाइन सेमिनार का आयोजन किया गया. हजारीबाग स्थित वीबीयू के सेंट कोलंबा कॉलेज अंग्रेजी विभाग की डॉ श्वेता सिंह रिसोर्स पर्सन थीं जिन्होंने रिसर्च एंड पब्लिकेशन एथिक्स पर विस्तृत प्रस्तुति दी. (नीचे भी पढ़ें)
अनुसंधान और प्रकाशन का गहरा संबंध है क्योंकि प्रत्येक नए अध्ययन से नए निष्कर्ष निकलते हैं, जो प्रकाशन के माध्यम से सार्वजनिक डोमेन में आते हैं. यह सुनिश्चित करने से कि अनुसंधान नैतिकता का पालन करते हुए किया जाता है, किसी भी अध्ययन के प्रतिभागियों को अनुसंधान के दौरान प्रत्यक्ष नुकसान से बचाया जाता है. हाल के वर्षों में अनुसंधान और प्रकाशन नैतिकता दोनों को एक दूसरे का अभिन्न अंग माना जाता है.(नीचे भी पढ़ें)
इन सभी मूल बिंदुओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने इस संबंध में भविष्य की चुनौतियों के प्रति भी आगाह किया. उनके विद्वत्तापूर्ण संबोधन को सुनने के लिए यूनिवर्सिटी के सभी विभागों के प्राध्यापक एवं प्राध्यापिकाओं ने संगोष्ठी में हिस्सा लिया.











