
रांची : झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 18 सितंबर से शुरू होने जा रहा है. शुक्रवार से शुरू होने वाले इस विधानसभा सत्र में सिर्फ 3 दिन ही कामकाज हो सकेगा. 22 सितम्बर तक सत्र चलेगा जबकि बीच मे दो दिन छुट्टी रहेगी. शुक्रवार को पहले दिन लोकसभा और अन्य कार्यों के अलावा सरकार अपने मौजूदा 3 से अधिक बिल पेश करने जा रही है. इस को लेकर भाजपा और आजसू ने अपने तेवर पहले ही साफ कर दिए हैं. भाजपा और आजसू ने संयुक्त रूप से सरकार को घेरने की तैयारी की है क्योंकि भूमि सुधार कानून को लेकर लाए जाने वाले विधेयक को लेकर पहले ही विरोध हो चुका है जबकि भाजपा विपक्ष के नेता के तौर पर बाबूलाल मरांडी को घोषित कराना चाहती है, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने इस पर रोड़े अटका दिया है. इस कारण भाजपा विधानसभा सत्र के दौरान काफी हमलावर होने की तैयारी कर रही है और आजसू सहयोगी दल होने के कारण भाजपा का पूरा साथ देगी. झारखंड की हेमंत सोरेन की सरकार ने तैयारी की है कि झारखंड के मौजूदा भूमि सुधार कानून और आईपीसी की धारा में फरार अपराधी को लेकर नए कानून को पारित कराने और कई सारे बिल को पारित कराने की कोशिश करेगी. सरकार की ओर से तैयारी है कि 3 दिन में ही कई सारे विधेयक पारित करा लिया जाए ताकि कामकाज को सुचारू रूप से चलाया जा सके. हालांकि विधानसभा में भाजपा और आजसू की रणनीति कारगर होती है और सरकार कितनी सफल हो पाती है यह देखने वाली बात होगी. लेकिन 18 सितंबर से शुरू होने वाले मानसून सत्र के कारण राजनीतिक तौर पर गर्म हो चुका है. फिलहाल मानसून सत्र को देखते हुए झारखंड की राजधानी रांची में सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए गए हैं.






