
रांची : झारखंड में बिजली का संकट चल रहा है. विपक्ष ने बिजली की समस्या को बड़ी समस्या बताया है. इसको लेकर सरकार को भाजपा समेत पूरा विपक्ष घेर रहा है. इस संकट के बीच मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से झारखंड की राजधानी रांची के कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास में देश के ऊर्जा क्षेत्र की अग्रणी कंपनी टाटा पावर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीइओ) एवं प्रबंध निदेशक प्रवीर सिन्हा ने भेंट की. इस अवसर पर राज्य के मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी भी मौजूद थे. वार्ता के क्रम में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन और टाटा पावर के एमडी प्रवीर सिन्हा के बीच राज्य में बिजली व्यवस्था को सुचारू एवं दुरुस्त करने के संबंध में सकारात्मक चर्चा हुई. भेंटवार्ता में मुख्यमंत्री ने राज्य में बिजली व्यवस्था में गुणात्मक सुधार कैसे हो इस पर बल दिया. मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य में बिजली व्यवस्था को दुरुस्त कर निर्बाध बिजली जनता को उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए टाटा पावर आधुनिक तकनीक से बिजली व्यवस्था में गुणात्मक सुधार के लिए अपनी अहम भूमिका निभाए. टाटा पावर के एमडी प्रवीर सिन्हा ने मुख्यमंत्री के समक्ष कहा कि टाटा पावर झारखंड में बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए आधुनिक तकनीक का पूरा उपयोग करेगी. उन्होंने कहा कि झारखंड में बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने में टाटा पावर अपना पूरा योगदान देगी. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में झारखंड राज्य के गांव गांव तथा सुदूर क्षेत्रों तक बिजली पहुंचाने, बिजली व्यवस्था का आधुनिककरण और व्यवस्था में कैसे सुधार हो इस पर विशेष चर्चा की गयी. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के इस विज़न को पूरा करने में टाटा पावर प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी. विदित हो कि झारखंड में टाटा पावर के अनुषांगिक ईकाई मैथन पावर 1050 मेगा वाट एवं जमशेदपुर में 667 मेगा वाट बिजली का उत्पादन कर रही है. टाटा पावर बिजली के क्षेत्र में देश के अन्य राज्यों में दिल्ली, गोवा,अजमेर, राजस्थान, उड़ीसा, उत्तर प्रदेश एवं हरियाणा में बिजली व्यवस्था का आधुनिकीकरण का कार्य सफलतापूर्वक कर रही है. इस अवसर पर टाटा पावर के कॉर्पोरेट अफेयर क्षेत्रीय प्रबंधक राकेश रंजन एवं टीपीडीडीएल प्रोजेक्ट के रोशन कुमार एवं कुमार विक्रम उपस्थित थे.













