रांची : झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर कोल्हान के आठ हार्डकोर नक्सलियों ने बुधवार को राजधानी रांची में पुलिस एवं सीआरपीएफ के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में जयराम बोदरा, सरिता सरदार, मातरो मगेरिया, कुमीर पुर्ती, पातर कोड़ा, कार्तिक सिरका, रोशनी पुर्ती व एक अन्य नक्सली शामिल हैं. ये सभी चाईबासा और सरायकेला के रहनेवाले बताये जा रहे हैं. इनमें से कार्तिक और रोशनी पुर्ती माओवादियों के मारक दस्ते के सदस्य बताये जा रहे हैं. (नीचे भी पढ़ें)

आत्मसमर्पण के बाद इन्गें राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं का लाभ दिया जाएगा. डीआइजी अभियान अमोल वेणुगोपाल होमकर ने इसकी जानकारी दी. उन्होंने आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा में लौटने की शुभकामनाएं दी. उन्होंने बताया कि पुलिस एवं सीआरपीएफ के बढ़ते प्रभाव एवं नक्सली संगठनों की गलत नीतियों से त्रस्त होने के कारण इन्होंने दस्ते से भाग कर आत्मसमर्पण किया है. इनके खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट जैसे दर्जनों मामले दर्ज हैं. ये सभी 10 साल से माओवादी दस्ते में सक्रिय थे और अनमोल दस्ते के लिए काम कर रहे थे.











