मेदिनीनगर (पलामू) : बेरोजगार संघर्ष मोर्चा के जिला कार्यालय में भगवान बिरसा मुंडा के 125 वें शहादत दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता मोर्चा अध्यक्ष उदय राम ने की. बिरसा मुंडा की तस्वीर पर फूल माला चढ़ा कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई. इस मौके पर मोर्चा अध्यक्ष उदय राम ने कहा कि बिरसा मुंडा महान क्रांतिकारी एवं सच्चे समाज सुधारक थे. वे सिर्फ झारखंड के ही नहीं, बल्कि पूरी देश के क्रांतिकारी थे. बिरसा मुंडा ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ शोषण, दमन व अन्याय के खिलाफ संघर्ष किया था. बिरसा मुंडा का नाम सुनते ही अंग्रेज कांप जाते थे. उन्होंने अन्याय के खिलाफ सदैव संघर्ष किया। अन्याय के खिलाफ कभी समझौता नहीं किया. वे खुशहाल झारखंड एवम उन्नत झारखंड के निर्माण के लिए जीवन के अंतिम क्षण तक लड़ते रहे. बिरसा मुंडा शोषण मुक्त समाज का निर्माण चाहते थे. वे ऐसा झारखंड चाहते थे, जिसमें सभी को मान-सम्मान और रोजी-रोटी मिल सके. मोर्चा अध्यक्ष ने आह्वान किया कि बिरसा मुंडा के सपनों को साकार करने के लिए समता मुल्क समाज का निर्माण कर आगे बढ़ें. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने कहा कि मेदिनीनगर नगर निगम द्वारा रेलवे स्टेशन चौक पर बिरसा मुंडा की फाइबर की प्रतिमा लगाई गई है जो न्याय संगत नहीं है. फाइबर की प्रतिमा लगाना बिरसा मुंडा का घोर अपमान है. बिरसा मुंडा को अपमानित करने का अधिकार किसी को नहीं है. फाइबर की प्रतिमा की जगह संगमरमर की प्रतिमा लगाई जाए. निगम के अधिकारियों ने जानबुझ कर बिरसा मुंडा की प्रतिमा लगवाई है दीपक कुमार ने बिरसा मुंडा की जीवनी पर प्रकाश डाला एवं शहीदों के सपनों को साकार करने की अपील की। नवनीत कुमार ने कहा कि बिरसा मुंडा का निधन 9 जून 1900 ईस्वी को हुआ था उन्हें भगवान का दर्जा प्राप्त है. इस मौके पर पर आयुष कुमार, उत्तम कुमार, कृष्णा राम, विजय राम, प्रवीण कुमार, सूरजमल राम, प्रेम कुमार, रामनरेश महतो सहित कई लोग उपस्थित थे. उपेंद्र रजक ने धन्यवाद ज्ञापित किया .












