
लोहरदगा : सड़क के किनारे फुटपाथ या खुले आसमान के नीचे सोने वाले बेधर लोगों को चिह्नित करने के कार्यक्रम की शुरुआत 4 जनवरी से गढ़ाटोली से की गयी। इसका उद्देश्य ऐसे लोगों को विधिक सेवा व सहायता पहुंचाने के साथ उन्हें रैन बसेरा या शेल्टर होम में आश्रय दिलाना है। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देश पर और प्रधान जिला न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार राजेन्द्र कुमार जुमनानी के मार्गदर्शन में यह शुरू हुआ। कार्यक्रम के तहत फुटपाथ सड़क के किनारे खुले में सोने वाले बेधर लोगों की पहचान करने के लिए पंचायत स्तर पर छह टीमों का गठन किया गया। इसमें पैनल अधिवक्ता और पैरा लीगल वॉलेटियरस सम्मिलित हैं। इस टीम का उद्देश्य नगर पर्षद या जिला प्रशासन की मदद से रात में दौराकर बेधर लोगों की पहचान करना है। फिर उन्हें रैन बसेरा या शेल्टर होम में आश्रय प्रदान किया जायेगा। जरूरतमंद लोगों के लिए ठंड से बचने के लिए कंबल और अलाव की व्यवस्था करना है। इस कार्यक्रम की शुरुआत करते हुये प्रधान जिला न्यायाधीश ने गढ़ा टोली के आस-पास रहने वाले जरूरतमंदों के बीच ठंड से बचने के लिए कंबल का वितरण किया। इस मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव आरती माला, प्रभारी न्यायाधीश मनोज कुमार इंदवार, पैनल अधिवक्ता विक्रम कुमार और शशांक कुमार सहित जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कर्मचारी, पारा लीगल वोलेंटियर्स उपस्थित थे।






