
रांची : कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुखदेव भगत की पत्नी व लोहरदगा नगरपालिका की अध्यक्ष अनुपमा भगत और उनके पुत्र सह प्रदेश युवा कांग्रेस के महासचिव अभिनव सिद्धार्थ को पार्टी विरोधी कार्य करने के आरोप में छह साल के लिए कांग्रेस से निष्कासित कर दिया गया है। इससे संबंधित आदेश प्रदेश कांग्रेस द्वारा जारी कर दिया गया है। अनुपमा और सिद्धार्थ के अलावा कांग्रेस नेता आलोक साहू, मोहन दूबे एवं लोहरदगा जिला युवा कांग्रेस के अध्यक्ष सुमित सिन्हा को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया गया है। इन पर विधानसभा चुनाव-2019 में कांग्रेस पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के विरुद्ध कार्य करने एवं भाजपा के लिए खुलकर प्रचार-प्रसार करने के आरोप लगाते हुए कार्रवाई की गई है। लोहरदगा जिला कांग्रेस कमेटी के तदर्थ अध्यक्ष साबिर खान की अनुशंसा के आलोक में झारखंड प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति के चेयरमैन तिलकधारी सिंह की सहमति एवं प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अनुमोदन के बाद उक्त पांच लोगों को पार्टी से निकाला गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने बताया कि पूरे प्रदेश में कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ जिन लोगों ने भी चुनाव लड़ा या उम्मीदवार के खिलाफ काम किया है, वैसे लोगों की रिपोर्ट जिला कांग्रेस अध्यक्ष से मांगी जा रही है। इसके बाद और कई ऐसे नेता पार्टी के प्राथमिक सदस्यता से छह वर्षों के लिए निष्कासित किये जाएंगे।
गलत आरोप लगाया गया, प्रतिशोध की भावना से हुई कार्रवाई : अनुपमा
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुखदेव भगत की पत्नी और लोहरदगा नगरपालिका की अध्यक्ष अनुपमा भगत ने कहा कि पार्टी ने एकतरफा कार्रवाई की है। यह कार्रवाई पूरी तरह से बदले की भावना के साथ की गई है। उनपर पार्टी के प्रत्याशी के विरोध में भाजपा के लिए कार्य करने का आरोप लगाया गया है। इस संबंध में उनसे किसी तरह का कारण बताओ नोटिस का जवाब या स्पष्टीकरण नहीं मांगा गया है। इससे यह स्पष्ट है कि कार्रवाई प्रतिशोध की भावना से ही की गई है। यह दु:खद है। पार्टी के पास आरोप से संबंधित साक्ष्य नहीं है। साक्ष्य या तथ्यों के आधार पर ही कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कई विधानसभा क्षेत्रों में जाकर पार्टी पत्याशी के पक्ष में चुनाव प्रचार भी किया। यह संगठन के लोगों को भी मालूम है। कांग्रेस के ही उनके क्षेत्र के बड़े नेता पार्टी छोड़कर भाजपा में चले गए।
कांग्रेस छोड़कर भाजपा में चले गए थे सुखदेव भगत
अनुपमा भगत के पति और कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुखदेव भगत लोहरदगा विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे, लेकिन झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 के ठीक पहले वे कांग्रेस छोड़कर भाजपा में चले गए थे। उन्होंने भाजपा के टिकट पर ही लोहरदगा से चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा। लोहरदगा से प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव ने विधानसभा चुनाव में बाजी मार ली। अब जबकि सरकार का गठन हो चुका है। इसके बाद सुखदेव भगत की पत्नी और पुत्र पर कार्रवाई की गई है।





