इंदौर : मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ ने धार की भोजशाला या कमालमौला मस्जिद विवाद में अपना फैसला सुना दिया है. हाई कोर्ट ने हिंदू पक्ष की मांग स्वीकार करते हुए कहा है कि एएसआइ की रिपोर्ट के आधार पर भोजशाला मंदिर है. इसके बाद धार और इंदौर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है. फैसले पर हिंदू पक्ष ने खुशी जताई है, वहीं मुस्लिम पक्ष ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का ऐलान किया है. हाई कोर्ट के इस फैसले पर हिंदू फ्रंट ऑफ जस्टिस के विष्णु शंकर जैन ने खुशी जताते हुए कहा है कि कोर्ट ने हिंदू पक्ष को पूजा करने की मंजूरी दी है. उन्होंने कहा कि कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को कहा है कि मुस्लिम पक्ष अगर चाहे तो सरकार उन्हें अलग से मस्जिद के लिए जमीन दे सकती है. (नीचे भी पढ़ें)

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ के न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ल ने अपना फैसला सुनाते हुए हिंदू पक्ष की मांग को मंजूर करते हुए हिंदू पक्ष को पूजा-पाठ करने की अनुमति दे दी. कोर्ट के आदेश के असार पूरा भोजशाला परिसर हिंदुओं का होगा. वहीं, मुस्लिम पक्ष ने हाई कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करने की बात कही है. बताते चलें कि भोजशाला के धार्मिक स्वरूप को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था. हिंदू पक्ष भोजशाला को मां सरस्वती (मां वाग्देवी) का प्राचीन मंदिर बताता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौलाना मस्जिद बताता आ रहा था. इसको लेकर हाईकोर्ट में कई याचिकाएं दर्ज कराई गई थीं. हाई कोर्ट ने विगत 12 मई तक सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद शुक्रवार को अपना अपना फैसला सुनाया. (नीचे भी पढ़ें)

इससे पूर्व हाई कोर्ट ने वर्ष 2024 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआइ) को भोजशाला परिसर के वैज्ञानिक सर्वे का निर्देश दिया, जिसके बाद एएसआइ ने करीब 98 दिनों तक परिसर और आसपास के क्षेत्रों का विस्तृत सर्वे किया. सर्वे के दौरान जीपीआर तकनीक, कार्बन डेटिंग, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी सहित कई आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया एवं भोजशाला परिसर में खुदाई कर मिट्टी के नमूने भी लिये थे. एएसआइ ने अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंप दी थी, जिसके आधार पर दोनों पक्षों की लगातार सुनवाई हुई. हाई कोर्ट ने विगत 6 अप्रैल से मामले की नियमित सुनवाई शुरू की, जो करीब 24 दिन तक चली. विगत 12 मई को हाई कोर्ट की संयुक्त पीठ ने अंतिम सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. इस दौरान हिंदू एवं मुस्लिम पक्षों ने अपनी दलीलें रखी थीं. मुस्लिम पक्ष की ओर वरिष्ठ वकील सलमान खुर्शीद दलीलें दे रहे थे. (नीचे भी पढ़ें)

दूसरी तरफ, आज फैसले के दिन शुक्रवार होने के कारण स्थानीय प्रशासन ने भोजशाला परिसर व आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी थी, क्योंकि परंपरा के अनुसार शुक्रवार को मुस्लिम पक्ष को दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक भोजशाला परिसर में नमाज अदा करने की अनुमति होती है. इसके मद्देनजर भोजशाला परिसर में बैरिकेडिंग की गई थी और सुरक्षा व्यवस्था भी और मजबूत कर दी गई थी. फैसले के बाद प्रशासन ने सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी शुरू कर दी है. अफवाह फैलाने वालों और भ्रामक पोस्ट डालने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. वहीं, धार कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने नागरिकों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हुए चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी या अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. एसपी सचिन शर्मा ने भी भोजशाला समेत पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की है. भोजशाला परिसर सहित पूरे शहर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है एवं संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है.








