
जमशेदपुर : जमशेदपुर के जोजोबेड़ा स्थित सीमेंट कंपनी नुवोको विस्टास कॉर्प लिमिटेड जोजोबेड़ा सीमेंट प्लांट के कर्मचारियों के लिए लंबित वेतन समझौता (वेज रिवीजन) मंगलवार को हुआ. नुवोको प्रबंधन एवं जेसीपी इंप्लाइज यूनियन के बीच यह समझौता हस्ताक्षरित हुआ. विगत 17 नवंबर 2020 को इसी संदर्भ में यूनियन और प्रबंधन के बीच एक मेमोरेंडम आफ सेटेलमेंट साइन हुआ था. इसे अंतिम रूप देते हुए विस्तृत समझौते के प्रारूप पर हस्ताक्षर किया गया. समझौते के मुताबिक कर्मचारियों के वेतन में औसतन 11000 रुपये की बढ़ोतरी होगी जबकि न्यूनतम बढ़ोतरी 8127 रुपये एवं अधिकतम बढ़ोतरी 16278 रुपये की होगी. समझौते की अवधि 4 वर्ष की होगी, जो कि जनवरी 2020 से दिसंबर 2023 तक प्रभावी होगा. इसके अलावा कई एलाउंस को भी फाइनल किया गया. (नीचे देखे सूची). कर्मचारी पुत्रों का नियोजन हेतु 31 मई 2022 तक नियोजन नीति बन जाएगी. इसके बाद उसे लागू किया जाएगा. समझौते पर हस्ताक्षर करने वालों में प्रबंधन की ओर से मुंबई मुख्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कंट्री हेड एचआर मनीषा केलकर, चीफ ऑफ मैन्युफैक्चरिंग संजय जोशी, सीनियर वीपी एचआर संदीप पांडेय एवं स्थानीय प्रबंधन की ओर से प्लांट हेड उमा सूर्यम, एचआर हेड मिनेश डाकवे, फाइनेंस हेड अभिजीत मंडल, आईआर मैनेजर अनिल गोस्वामी, सीनियर मैनेजर एचआर आलोक वाजपेयी एवं यूनियन की ओर से अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय, जेनरल सेक्रेटरी विजय खां, डिप्टी प्रेसिडेंट विनय त्रिवेदी, वाइस प्रेसिडेंट संजीव श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष पीवीआर मूर्ति एवं सुनील शुक्ला ने हस्ताक्षर किए. इस वेतन समझौते का लाभ कुल 80 कर्मचारियों को मिलेगा. कर्मचारियों को पिछले 24 महीने का एरियर का भुगतान किया जाएगा. एरियर की राशि न्यूनतम 1 लाख 75 हजार रुपये से लेकर अधिकतम 3 लाख 30 हजार रुपये तक की होगी, जिसका भुगतान 15 दिनों के अंदर कर्मचारियों के खाते में भेज दी जाएगी. समझौते पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए यूनियन के अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय ने प्रबंधन का आभार प्रकट किया एवं कहा कि आज के परिवेश में और वह भी सीमेंट उद्योग में मात्र 4 साल के लिए इतना अच्छा वेतन समझौता अपने आप में एक कीर्तिमान है. उन्होंने कहा कि जोजोबेड़ा प्लांट में यूनियन और मैनेजमेंट की टीम एक साथ मिलकर कंपनी और कर्मचारियों के हित में आगे भी इसी तरीके से काम करते रहेंगे.
समझौते का मुख्य बिंदू : (नीचे देखे पूरी सूची, क्या हुआ समझौता का लाभ)

- मिनिमम गारंटीड बेनिफिट (एमजीबी) मूल वेतन का 12 फीसदी किया गया.
- 31 दिसंबर 2019 को महंगाई भत्ता (डीए) बेसिक में पूर्ण रूप से समायोजित किया जाएगा.
- शिक्षा भत्ता 1500 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपए प्रतिमाह किया गया.
- वाहन भत्ता 1800 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपए प्रतिमाह किया गया.
- धुलाई भत्ता 900 रुपये से बढ़ाकर 1010 रुपये प्रतिमाह किया गया.
- इंसेंटिव बोनस पुनरीक्षित बेसिक का 8 फीसदी प्रतिमाह भुगतान होगा.
- सेटलमेंट अलाउंस में 1903 रुपये की बढ़ोतरी की गई.
- एलटीसी को 30000 रुपये से बढ़ाकर 35000 रुपये किया गया.
- एनुअल इंक्रीमेंट (वार्षिक बढ़ोतरी) में 100 रुपये की बढ़ोतरी की गई है.














