सरायकेला: सरायकेला के कांड्रा में सोमवार को पारंपरिक चड़क पूजा का भव्य आयोजन किया गया. श्रीश्री सार्वजनिक चड़क पूजा समिति कांड्रा बस्ती की ओर से आयोजित दो दिवसीय अनुष्ठान के पहले दिन रविवार को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए. विराट झूमर संगीत बोकारो की रेवती महतो एवं उनके कलाकारों ने स्टेज पर अपनी प्रतिभा का रंगारंग प्रदर्शन किया और दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया. इसके बाद देर रात छऊ नृत्य का भी आयोजन किया गया, जिसमें काफी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए.(नीचे भी पढ़े)
छऊ नृत्य के कलाकारों ने अपनी कला से ऐसा समा बांधा कि रात भर दर्शक मैदान में डटे रहे. अनुष्ठान के दूसरे दिन सोमवार को भक्ता टांगा का त्यौहार मनाया गया. इसमें भक्तों ने अपनी पीठ पर नुकीली कील लगाकर लकड़ी के ऊंचे खंभे के सहारे लटक कर भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था प्रकट की. ढोल नगाड़ा की थाप पर थिरकते शिव भक्तों को देखने के लिए दूरदराज के क्षेत्रों से भी काफी संख्या में लोग आए थे. चिलचिलाती धूप और प्रचंड गर्मी के बावजूद दर्शकों का उत्साह कम नहीं हो रहा था. आयोजन समिति के अध्यक्ष विजय महतो ने बताया कि कांड्रा मध्य बस्ती में चड़क पूजा मनाने की सदियों पुरानी परंपरा है और यह कई पीढ़ियों से लगातार चली आ रही है.




