सरायकेला : सरायकेला नगर पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने कहा है कि कई वर्षों से सरायकेला सदर अस्पताल में व्याप्त भ्रष्टाचार और प्राइवेट नर्सिंग होम से साठगांठ की शिकायत मिलती रहती थी, परंतु कोई सामने आने का साहस नहीं करता था. आज सरायकेला निवासी दिनेश साहू ने उन्हें फोन पर सदर अस्पताल की मनमानी और गलत हरकतों की जानकारी दी. मौके पर श्री चौधरी सदर अस्पताल पहुंचे और उन्होंने सदर अस्पताल में निजी नर्सिंग होमों से साठगांठ के खिलाफ आवाज उठाने के लिए दीवानसाही के दिनेश साहू को धन्यवाद दिया. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने एक्स-रे करने में आनाकानी और प्राइवेट नर्सिंग होम की तरफदारी किये जाने को लेकर नाराजगी जताते हुए पूरे सदर अस्पताल के सिस्टम को कठघरे में खड़ा किया. उन्होंने अस्पताल कर्मियों पर सरकार द्वारा करोड़ों रुपये दिये जाने के बावजूद सरकार की छवि खराब करने के लिए सदर अस्पताल को रेफरल अस्पताल बना कर रख देने का आरोप लगाया. उन्होंने अस्पताल कर्मियों को अपनी आदतों से बाज आने की चेतावनी देते हुए भविष्य में मरीजों को दोबारा इस तरह परेशान नहीं करने की हिदायत दी एवं कहा कि ऐसा नहीं होने पर जनांदोलन के लिए तैयार रहने के लिए आगाह किया. उन्होंने सोशल मीडिया ट्विटर द्वारा उपायुक्त से भी ऐसे कर्मियों पर कठोर कार्रवाई करने का आग्रह किया जो मरीजों के साथ दुर्व्यवहार एवं निजी नर्सिंग होमों को बढ़ावा देते हैं. इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल में व्याप्त भ्रष्टाचार और प्राइवेट नर्सिंग होम से साठगांठ की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की.



