
जमशेदपुर : जमशेदपुर के सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष विजय आनंद मूनका के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल जीएसटी आईआरएस कमिश्नर एम रहमान से मिलने पहुंचा. इस दौरान जीएसटी कमिश्नर को आगामी नए साल से जीएसटी में होने वाले संसोधन को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम एक सुझाव पत्र सौंपा गया. सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की मांग है कि कोई आईटीसी जब तक जीएसटीआर 2ए/2बी में में परिलक्षित न हो, वहीं निर्धारिती को जीएसटी अधिनियम की धारा 79 के तहत कोई कार्यवाही शुरू करने से पहले एक अवसर दिया जाना चाहिए था या निर्धारिती को कृपया तुरंत अपने रिटर्न को संशोधित करने की अनुमति दी जा सकती है. वर्तमान में धारा 129 के तहत ई-वे बिल संबंधित प्रावधानों के उल्लंघन और अन्य दस्तावेजों को ले जाने के लिए जब्त किए गए सामान को छोड़ने के लिए पूर्ण कर और 100% जुर्माना देना आवश्यक है. अब, माल के साथ जब्त वाहन होगा कर के 200% के बराबर जुर्माने के भुगतान के बाद जारी किया गया. कर अलग कार्यवाही के माध्यम से वसूल किया जाएगा. यहां तक कि 100% जुर्माना भी बहुत कठोर है, अब 200% जुर्माना सरकार द्वारा स्वीकार्य कदम नहीं है. प्रथम अपील (आयुक्त) दाखिल करने के संदर्भ में, वर्तमान में, धारा सीजीएसटी अधिनियम, 2017 के 107(6) में अपील दायर करने और वसूली पर रोक लगाने के लिए विवादित कर राशि का 10% पूर्व जमा करने का प्रावधान है. हालांकि, ई-वे बिल उल्लंघन के लिए धारा 129(3) के तहत जुर्माना लगाने के लिए पारित आदेशों के संदर्भ में एक संशोधन किया गया है ताकि यह प्रावधान किया जा सके कि ऐसे मामलों में प्री-डिपॉजिट की मात्रा 25 प्रतिशत के बराबर होगी. इस मौके पर जनरल सेक्रेट्री मानव केडिया, महेश संथालिया, पीयूष चौधरी, भरत मखानी दिलीप कुमार मौजूद रहे.




