लखनऊ: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री आजम खान सीतापुर जेल से 23 महीने बाद रिहा हुए. जेल से बाहर आते ही आजम खान अपने पुराने रंग में नजर आए. काला चश्मा पहने हुए वो कार की अगली सीट पर बैठकर जेल से बाहर आए. आजम खान की रिहाई के साथ उत्तर प्रदेश की सियासी सरगर्मी तेज हो गई है. उनके बीएसपी में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं. हालांकि सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अटकलों को खारिज कर दिया है.आजम खान के बसपा में शामिल होने की अटकलों पर सपा प्रमुख और सांसद अखिलेश यादव ने कहा, आजम खान और समाजवादियों ने लंबे समय से बीजेपी का सामना करने में प्रमुख भूमिका निभाई है. (नीचे भी पढ़े)
हमें उम्मीद है कि आने वाले समय में उनके सभी मामले खत्म हो जाएंगे. जिस तरह से सीएम ने उनके और डिप्टी सीएम के साथ-साथ भाजपा नेताओं के खिलाफ मुकदमे वापस लिए हैं, सपा सरकार बनने के बाद, आजम खान के खिलाफ सभी झूठे मुकदमे वापस ले लिए जाएंगे.आजम खान के बसपा में शामिल होने की अटकलों पर सपा विधायक शिवपाल सिंह यादव ने कहा, ये सभी खबरें झूठी हैं. सपा उन्हें हर संभव मदद दे रही है. उन्होंने आगे कहा- सरकार ने उन्हें झूठे मामलों में फंसाया था. लेकिन अदालत ने उन्हें राहत दे दी. (नीचे भी पढ़े)
इसलिए, हम अदालत के फैसले का स्वागत करते हैं.सपा उन्हें हर संभव मदद दे रही है.आजम खान करीब 23 महीने बाद सीतापुर जेल से बाहर आए हैं. उन्हें 17 अक्टूबर 2023 को गिरफ्तार किया गया था. उन्हें सभी 72 मामलों में जमानत मिली है. जेल से रिहाई में थोड़ी देर हुई. उनकी रिहाई सुबह जल्दी होनी थी, लेकिन सूत्रों के अनुसार रामपुर की एक अदालत में कुछ मामलों में जुर्माना न चुकाने के कारण रिहाई में कुछ घंटों की देरी हुई. जब रामपुर कोर्ट में 3000-3000 रुपये के दो जुर्माने जमा किए गए और उनकी डाक सीतापुर जेल भेज दी गई, तब खान को रिहा कर दिया गया.











