
जमशेदपुर : टाटा स्टील फाउंडेशन (टीएसएफ) ने वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर युवा सम्मेलन ‘ध्वनि’ के आयोजन के माध्यम से राष्ट्रीय युवा दिवस समारोह की शुरुआत की. पहले दिन विचार-विमर्श का विषय ’क्या लैंगिक-सम समाज एक सपना है?’था. वर्चुअल इवेंट के मुख्य वक्ता यूथ आइकन ‘फ्रांज गैस्टलर’ और ‘मेघा भाटिया’ थे. झारखंड और ओड़िशा के विभिन्न स्थानों से लगभग 320 युवाओं ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया. गैस्टलर ने रांची और इसके आसपास लड़कियों के बीच फुटबॉल को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है. उन्होंने अपनी शिक्षा को आगे बढ़ाने के अलावा प्रख्यात फुटबॉलर बनने की ख्वाहिश रखने वाली कई लड़कियों को कोचिंग दी है. यूनिवर्सिटी कॉलेज, लंदन से मानवाधिकार में विशेषज्ञता के साथ एलएलएम की डिग्रीधारक श्री भाटिया युवा नेतृत्व वाली ‘वीओआईएक्स (वॉएक्स) नामक संस्था चलाती हैं, जो बाल यौन शोषण को रोकने के लिए काम करती है. टाटा स्टील के सीएसआर चीफ सौरव रॉय ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए वर्चुअल मीट के लिए संदर्भ निर्धारित किया. उन्होंने कहा कि ध्वनि एक ऐसा मंच है, जो युवाओं को प्रभावित करने वाले प्रमुख मुद्दों पर साझा दृष्टिकोण और सामूहिक सोच की सुविधा देता है और अनसुनी आवाजों को उजागर करता है. यह युवाओं और युवा चेंजमेकर्स के बीच की खाई को पाटने का एक मंच है, जो युवाओं को समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित और प्रोत्सहित करता है. (नीचे देखे पूरी खबर)

इस कार्यक्रम में जोडा (ओड़िशा) के प्रतिभागियों ने लैंगिक समानता पर एक नाटक का मंचन किया. वेस्ट बोकारो के प्रतिभागियों ने पारंपरिक संथाली नृत्य प्रस्तुत किया. इस वर्ष चर्चा के विषयों में 19 जनवरी, 2022 को ’खाद्य सुरक्षा प्राप्त करने में युवाओं की क्या भूमिका हो सकती है?, 26 जनवरी को ’’क्या ’काम में संलग्न बच्चे’ देश को गरीबी के दुष्चक्र की ओर धकेल रहे हैं?’, 2 फरवरी को ’आज हम जो कदम उठाएंगे, क्या वे जलवायु परिवर्तन के प्रत्यक्ष प्रभावों को रोकने के लिए पर्याप्त होंगे? या बहुत थोड़ा है, बहुत देर हो चुकी है?’ और 9 फरवरी, 2022 को ’क्या उद्यमिता बेरोजगारी को कम करने का एक मार्ग है?’ पर चर्चा होगी. टीएसएफ प्रत्येक समुदाय की जड़ यानी इसके युवाओं को सशक्त कर सामुदायिक विकास के विचार में विश्वास रखता है. ये विभिन्न कार्यक्रम संचालित करते हैं, जो समुदाय के लोगों के स्वास्थ्य, उनकी शिक्षा और आजीविका को मजबूत कर उनके समग्र विकास की बुनियाद रखते हैं. ’रिश्ता’ जैसे कार्यक्रम किशोरों के स्वास्थ्य का ख्याल रखते हैं, जबकि तमाड़, जगन्नाथपुर और टीएसटीआई, बर्मामाइंस में इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रम संचालित करते हैं. राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर हर साल युवा सम्मेलन ‘ध्वनि’ का आयोजन किया जाता है, जहां देश भर के विभिन्न विचारक और विद्वान अपनी राय रखने के लिए एक मंच पर साथ आते हैं. इन कार्यक्रमों के अलावा, टीएसएफ विभिन्न छात्रवृत्ति कार्यक्रमों के माध्यम से भी विद्यार्थियों की मदद करता है, जो युवाओं के उच्च अध्ययन के लिए फायदेमंद साबित होते हैं.












