जमशेदपुर : टाटा स्टील द्वारा संचालित टाटा मुख्य हॉस्पिटल के संचालन को लेकर सोमवार को हॉस्पिटल एडवाइजरी कमेटी की मीटिंग में संपन्न हुई. शाम 5 बजे से लेकर के 7 बजे तक यह मीटिंग चली. इस मीटिंग में नए चेयरमैन के रूप में टाटा स्टील के प्राइस प्रेसिडेंट डीबी सुंदर रमम शामिल हुए. श्री सुंदर रमम की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में चीफ़ पीपुल ऑफिसर अतरई सान्याल, पीइओ देवाशीष चटर्जी, एचआर अधिकारी राजेश चिंतक, राहुल दुबे, विभा अहमद, स्नेहा, टाटा स्टील मेडिकल सर्विसेज की जीएम डॉ विनिता सिंह, सीआइएमएस डॉक्टर अशोक सुंदर, डॉक्टर नाग, राजन सिंह जबकि यूनियन की ओर से महासचिव सतीश कुमार सिंह, तारकेश्वर लाल, सूरज कुमार, संजय कुमार सिंह, गुरशरण सिंह, रवि शंकर पांडेय शामिल थे. इस दौरान कई सारे मुद्दें पर चर्चा की गयी. (नीचे भी पढ़ें)
इस दौरान हाल ही में टीएमएच की टीम द्वारा बहुत सारे सुधार को लेकर काम किये जा रहे है, जिसके तहत कई सारे डिटेल भी साझा किया गया. यहां बताया गया कि टीएमएच में हर माह 5 हजार मरीज एडमिट होते है. 9800 मरीज ओपीडी में हर माह इलाज कराने आते है. इसी तरह टीएमएच में 1300 मरीज का हर महीना सर्जरी किया जाता है. इस दौरान यह बताया गया कि एक्जीक्यूटिव हेल्थ चेकअप का रिस्पांस ठीक नहीं था. लिहाजा, इसको बंद करने का प्रस्ताव था, लेकिन अभी इलाज कराने वाले लोगों की संख्या बढ़ी है. इस कारण उसको चालू रखा जायेगा. यह बताया गया कि 1 सितंबर से ओटीपी के जरिए ओपीडी की बुकिंग होगी ताकि डाटा प्राइवेसी रह सके. यह तय किया गया कि जितने भी ओपीडी पेशेंट है, उनको होम डिलीवरी दवा तुरंत शुरू किया जायेगा. जो एक से अधिक यानी मल्टीप्ल डिपार्टमेंट के मरीज है, उनको सप्ताह में 2 दिन रूम नंबर 113 में 4 से 6 का टाइम दिया जाएगा. यह बताया गया कि कदमा इसीसी फ्लैट का डिस्पेंसरी में बहुत कम लोग इलाज कराने जाते हैं. उसका उपयोग नहीं हो पता है. उसे भी बंद करने का सुझाव आया. इस पर अगली बैठक में विचार किया जायेगा. नए सुझाव यह भी आया कि डिस्चार्ज के समय फिट और अनफिट का सिस्टम को थोड़ा और दुरुस्त किया जाए. एडमिशन के समय इंक्वारी काउंटर को सही तरीके सुधार करके चलाया जाये. यहां यह मांग की गयी कि वेल्लोर में कर्मचारियों के इलाज के लिए जो दो रूम है, उसका इस्तेमाल काफी लोग करते है. लिहाजा, इसको एयर कंडिशनिंग किया जाना चाहिए. यहां यह भी सुझाव आया कि चिल्ड्रन वार्ड के बाहर वेटिंग हॉल को भी वातानुकुलित किया जाए. स्लॉट में किस तरह से सुधार हो ताकि लोगों को बुकिंग में सुविधा मिले. यह भी सुझाव दिया गया 1एमजी द्वारा हो रही दवा की देरी और साथ ही साथ होम डिलीवरी को सही रूप से सुचारु करने की भी चर्चा हुई. वैसे लोगों का भी डाटा कलेक्शन किया जा रहा जो ओपीडी का स्लॉट बुक कर लेते हैं और फिर अटेंड नहीं करते और ना ही कैंसिल करते हैं इसकी भी चर्चा हुई. लोगों से अपील की गयी कि ऐसा नहीं करें.



