
जमशेदपुर : टाटा स्टील और टाटा स्टील द्वारा संचालित टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) ने कोरोना वायरस से जंग में अपनी संयुक्त भूमिका निभायी है. इसके तहत टाटा स्टील के मेडिकल सर्विसेज के जीएम डॉ राजन चौधरी और टाटा स्टील के सीएसआर के चीफ सौरभ राय ने संयुक्त रुप से संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर अब तक कोरोना वायरस से हो रही लड़ाई और उनकी तैयारियों और कार्यों की सारी जानकारी दी है. इस संवाददाता सम्मेलन में टाटा स्टील के चीफ कारपोरेट कम्यूनिकेशन कुलविन सुरी और हेड रुना राजीव कुमार भी मौजूद थे. ऑनलाइन आयोजित संवाददाता सम्मेलन में टाटा स्टील के मेडिकल सर्विसेज के जीएम डॉ राजन चौधरी ने बताया कि टीएमएच में 23 अप्रैल से अब तक 560 टेस्ट किये जा चुके है. इसकी क्षमता को हर दिन बढ़ाई जा रही है. हर दिन अब 70 टेस्ट हो रहे है जबकि शुरुआती दिनों में 40 टेस्ट ही हुआ करता था. वैसे जीएम ने यह अपील की है कि अभी बाहर से मजदूर, छात्र और मरीज आ रहे है. लगातार लोगों का आना जाना हो रहा है. अब तक कोरोना वायरस का एक भी पोजिटिव केस जमशेदपुर और आसपास के एरिया में नहीं आया है. ऐसे में निश्चिंत नहीं हो जाना चाहिए बल्कि सचेत रहना चाहिए क्योंकि अभी संक्रमण फैलने का सबसे ज्यादा खतरा है क्योंकि बाहर से जमशेदपुर के लोग वापस लाये जा रहे है. वैसे प्रशासन द्वारा टेस्ट और क्वारंटाइन दोनों की जा रही है, लेकिन लोगों को खुद सचेत रहना चाहिए. बिना मास्क के घरों से लोग नहीं निकले, सोशल डिस्टेंस यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति की दूरी को बनायी रखी जाये और हाथ धोना और सैनिटाइजेशन जारी रखने की जरूरत है. जरा सी लापरवाही से बड़ी चूक हो सकती है और कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है. ऐसे में हमारा एलर्ट रहना ही इससे बचाव कर सकता है.
टीएमएच के ओपीडी को पूरे तौर पर चला जाना मुश्किल
टीएमएच के ओपीडी को चालू करने को लेकर पूछे गये एक सवाल के जवाब में डॉ राजन ने बताया कि अभी जिला प्रशासन से बातचीत हुई है. अभी पूरे तौर पर टीएमएच के ओपीडी को संचालित नहीं की जा सकती है. टेलीफोनिक तौर पर टाटा स्टील के कर्मचारी या पूर्व कर्मचारी अपना उपचार करा रहे है. आपात स्थिति के लिए इमरजेंसी सेवाएं है, जो लोगों को मेडिकल के केस में भी उपलब्ध कराये जा रहे है, लेकिन ओपीडी का संचालन नहीं किया जा सकता है. अबी ओपीडी में 1200 से 1300 लोगो का इलाज संभव हो सका, लेकिन इसको पूरे तौर पर संचालित नहीं किया जा सकता है. उन्होंने बताया कि आइसीयू और सीसीयू में 94 संदिग्ध का इलाज किया गया, जिनको रिपोर्ट बाद में नेगेटिव आया जबकि 93 का इलाज आइसोलेशन वार्ड में किया गया, जिनका भी रिपोर्ट नेगेटिव आयी है. उन्होंने इस बात से इनकार किया कि कोई भी व्यक्ति आकर टीएमएच में अपना कोरोना वायरस का टेस्ट नहीं करा सकता है क्योंकि इसके लिए चिकित्सक या जिला प्रशासन को जांच कराने के लिए बोलना होगा तब जाकर ही टेस्ट हो सकता है.
टाटा स्टील का खाना वितरण बंद नहीं, लोगों की आमदनी बढ़ाने का हो रहा प्रयास, मनरेगा के साथ समन्वय स्थापित करेगी कंपनी
टाटा स्टील के सीएसआर के चीफ सौरभ राय ने बताया है कि खाना वितरण को बंद करने की बात गलत है. खाना का वितरण आज भी जारी है. 4 लाख से ज्यादा लोगों को खाना खिलाया जा चुका है. शनिवार को भी जमशेदपुर में 35 हजार लोगों को खाना खिलाया गया है. 128 लोकेशन में लोगों को खाना खिलाया गया है. कुछेक जगहों पर खाना को बंद किया गया है, जहां जरूरत नहीं थी, लेकिन 128 जगहों पर हर दिन खाना खिलाया जा रहा है. इस कारण इसको लेकर कोई संशय नहीं है कि खाना नहीं खिलाया जा रहा है. खाना का वितरण के साथ ही कोल्हान में हर दिन 33 हजार लोगों को राशन का पैकेट दिया जा रहा है. उन्होंने बताया कि चूंकि मजदूर बाहर से आ रहे है, इस कारण आमदनी के श्रोत को भी आगे बढ़ाने के लिए हम लोग पहले से प्रयास कर रहे है. इसके तहत सब्जी को जोमैटो के जरिये बेचा जा रहा था, जो अब भी जारी है. इसके तहत 9500 किलो सब्जियों की बिक्री हुई है. 110 किसानों को इसके माध्यम से 3 लाख 75 हजार रुपये का मुनाफा हुआ है. लोगों को न्यूजपेपर से ठोंगा (पेपर बैग) बनाने के काम में लगाया गया है जबकि किसी को आर्ट एंड क्राफ्ट बनाने से जोड़ा गया है. 1100 लोगों को किचेन गार्डेन यानी अपने घर पर ही गार्डेनिंग कर सब्जियां और फूल को लगाने का काम सौंपा गया है. इसके तहत 14 हजार लोग को लाभ पहुंचाया जा रहा है. अकेले न्यूज पेपर से पेपर बैग बनाने के काम में 45 परिवार को जोड़ा गया है. इसके जरिये सौ परिवार को जोड़ने का काम किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि मनरेगा के साथ क्या-क्या विकल्प को जोड़ा जा सकता है, इसके लिए भी पहल हो रही है. मछली पालन जैसे काम को भी बढ़ावा दिया जा रहा है. वैसे टाटा स्टील के कर्मचारियों को फारिश्ता कार्यक्रम के तहत जोड़ा गया है, जिसके तहत ऑनलाइन बच्चों को पढ़ाने से लेकर कई काम कराये जा रहे है. इसके तहत टाटा स्टील के करीब 600 कर्मचारी इससे जुड़े हुए है, जिसके जरिये करीब 21 राज्यों के 7500 लोगों को लाभ मिल रहा है. सीएसआर के चीफ सौरभ राय ने बताया कि भारत के करीब पांच हजार लोगों तक टाटा स्टील राशन पहुंचाने का भी काम कर रही है, जो पूरे देश के जरूरतमंदों से संपर्क कर पहुंचाया गया है. इसके अलावा मजदूरों की वापसी में उनका रजिस्ट्रेशन कराने की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया जा रहा है. सीएसआर के चीफ ने बताया कि जमशेदपुर के अलावा बाहर से भी लोग टाटा स्टील फाउंडेशन को पैसे दे रही है ताकि समाज की सेवा हो सके, इसके तहत 310 लोगों ने अब तक 70 लाख का डोनेशन टाटा स्टील को दिया है.













