जमशेदपुर : टाटा स्टील के वेज रिवीजन समझौता का मसला करीब 15 माह से लंबित हो गया है. जाहिर सी बात है कि यह मामला अब टाटा स्टील में टॉक ऑफ द कंपनी बन चुका है. हरेक कर्मचारी वेज रिवीजन का इंतजार कर रहे है. जाहिर सी बात है कि इसका फैसला का हर कोई इंतजार कर रहा है. जमशेदपुर स्थित बिष्टुपुर का माइकल जॉन ऑडिटोरियम में टाटा स्टील और जापानी स्टील कंपनी निप्पन स्टील की संयुक्त उपक्रम जेसीएपीसीपीएल कंपनी की अधीकृत यूनियन का दस साल पूरे होने पर कार्यक्रम चल रहा था. इस दौरान टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु और टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन और चीफ पीपुल ऑफिसर अतरई सान्याल भी मौजूद थी. (नीचे भी पढ़ें)
इस दौरान टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष ने उस मंच का इस्तेमाल वेज रिवीजन समझौता का माहौल बनाने के लिए किया. उन्होंने चीफ पीपुल ऑफिसर को कहा कि वे लक्ष्मी की अवतार है और कर्मचारी उनके अवतार का इंतजार कर रहे है. जाहिर सी बात है कि टाटा मोटर्स में जब समझौता हो गया है तो अब टाटा स्टील के कर्मचारी भी बेहतर वेज रिवीजन समझौता की आस में है. श्री चौधरी ने कहा कि अभी चीन का डंपिंग से लेकर कोई भी ऐसी परेशानी मजदूर समझने को तैयार नहीं है. इसके बाद जब चीफ पीपुल ऑफिसर के बोलने का मौका आया तो अतरई सान्याल ने कहा कि वे लोग हमेशा मजदूर हित में काम करते आये है. यूनियन के बगैर कैसे मैनेजमेंट चल सकता है. लेकिन टुन्नु चौधरी को चीफ पीपुल ऑफिसर ने मजाकिया लहजे में कह दिया कि महिषासुर ना बने, वार्ता हुई है और आगे भी वार्ता होती रहेगी.



