जमशेदपुर : टाटानगर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्मों पर लगी वाटर वेंडिंग मशीनें रेल यात्रियों की जरूरतें पूरी नहीं कर पा रही हैं. स्थिति यह है कि प्लेटफॉर्म नंबर 2-3 पर लगी वाटर वेंडिंग मशीन तो बंद ही हो गयी है, प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर लगी वाटर वेंडिंग मशीन भी सिर्फ गिनी-चुना ट्रेनों के आगमन पर ही चालू की जाती है.बता दें कि रेल यात्रियों को उचित दर पर पीने का पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रेलवे ने स्टेशन प्लेटफॉर्मों पर वाटर वेंडिंग मशीनें लगाने का निर्णय लिया था. इसी के तहत चक्रधरपुर रेल मंडल अंतर्गत टाटानगर स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 एवं 2-3 पर वाटर वेंडिंग मशीनें लगायी गयी थीं. लेकिन वर्तमान में प्लेटफॉर्म नंबर 2-3 पर लगी वाटर वेंडिंग मशीन में जहां महीनों से ताला लटक रहा है, वहीं प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर लगी वाटर वेंडिंग मशीन का ताला भी सिर्फ गिनी-चुनी लंबी दूरी की ट्रेनों के आगमन के समय ही खुलता है. इसके कारण स्टेशन पर प्रतीक्षारत यात्रियों को उचित दर पर पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है. किसी यात्री को अगर पीने का पानी खरीदना हो तो उसे किसी लंबी दूरी की ट्रेन के आने का इंतजार करना होगा या फिर मजबूरी में महंगी दर पर पानी का बोतल खरीदना होगा, क्योंकि स्टेशन के एकलौती चालू वाटर वेंडिंग मशीन में ज्यादातर समय ताला ही लटकता मिलता है.(नीचे भी पढ़े)
कई ट्रेन यात्रियों ने बताया कि उन्हें वाटर वेंडिंग मशीन बंद रहने से पानी के लिए खासी परेशानिय़ों का सामना करना पड़ता है और अन्य स्टॉलों से अधिक दर पर पानी खरीदना पड़ता है. वाटर वेंडिंग मशीन सिर्फ कुछ समय के लिए खुलने के कारण वेडिंग मशीन पर अचानक भीड़ लग जाती है और सभी यात्रियों को पानी नहीं मिल पाता. यात्रियों ने बताया कि वाटर वेडिंग मशीन का संचालक अक्सर गायब रहता है.
वैसे रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार टाटानगर स्टेशन में 8 नई वाटर वेंडिंग मशीनें लगाने की योजना है. इसके लिए टेंडर भी हो गया है और जल्द ही ये मशीनें लग भी जायेंगी. विदित हो कि कोविड काल से ही टाटानगर स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 1 में लगी वाटर वेंडिंग मशीन को छोड़कर सारी मशीनें बंद पड़ी हैं. लेकिन फिलहाल स्टेशन की एकमात्र वाटर वेंडिंग मशीन भी सुचारू रूप से नहीं चलने के कारण यात्रियों को पानी के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ रही है.











