
जमशेदपुर : टाटा स्टील की अनुषंगी इकाई गम्हरिया स्थित टिस्को ग्रोथ शॉप की अधीकृत यूनियन टिस्को मजदूर यूनियन की शिवलखन सिंह की अध्यक्षता वाली कमेटी का कमेटी मीटिंग शनिवार को संभावित थी, लेकिन अंतिम समय में इसकी कमेटी मीटिंग को रोक दिया गया है. बताया जाता है कि मैनेजमेंट को कमेटी मीटिंग की आपत्ति है. अब रविवार को कमेटी मीटिंग आहूत की गयी है. वैसे अब तक मैनेजमेंट की ओर से किसी तरह की कमेटी मीटिंग करने की मंजूरी नहीं दी गयी है जबकि यूनियन का यह दफ्तर कंपनी परिसर में ही है. ऐसे में अगर कमेटी मीटिंग करना होगा तो मैनेजमेंट की मंजूरी जरूरी है, जो अब तक नहीं मिल पाया है. 31 अक्तूबर यानी शनिवार को शिवलखन सिंह का आखिरी दिन टिस्को ग्रोथ शॉप में है क्योंकि वे एक नवंबर से रिटायर होने वाले है. ऐसे में वे अब बाहरी हो जायेंगे, जिस कारण उनको इंट्री मिल पायेगी या नहीं, यह बड़ा सवाल रह जायेगा और कमेटी मेंबरों पर ही सारा दारोमदार होगा. वैसे इस पूरे प्रकरण श्रम विभाग पर ही सवाल उठाये गये है. बताया जाता है कि एक ही नाम पर श्रम विभाग ने टिस्को मजदूर यूनियन के नाम से दो-दो रजिस्ट्रेशन कर दिया. राकेश्वर पांडेय की अध्यक्षता वाली कमेटी का नाम भी टिस्को मजदूर यूनियन है, जिसका नंबर 1583/1976 है और अभी जो रजिस्ट्रेशन कराया गया है, वह 270/2020 के नाम से कराया गया है. वैसे श्रम विभाग के प्रावधान के मुताबिक, एक नाम से दो रजिस्ट्रेशन किसी भी यूनियन का नहीं हो सकता है, लेकिन ऐसा हुआ है. फिलहाल, इस मामले को लेकर घमासान मचा हुआ है. वैसे राकेश्वर पांडेय की अध्यक्षता वाली यूनियन टिस्को मजदूर यूनियन में खुद शिवलखन सिंह महासचिव के पद पर आसीन है और उसी यूनियन के एकाउंट में करीब 35 लाख रुपये जमा है, जो मजदूरों के चंदा का है. इस कारण यह भय है कि मजदूरों के चंदा का पैसा के साथ कोई गबन नहीं कर लें और राकेश्वर पांडेय और शिवलखन सिंह की लड़ाई में कहीं मजदूरों का पैसा नहीं चला जाये. यूनियन के पैसे की निकासी दोनों स्तर से अलग-अलग नहीं कर लिया जाये. वैसे खुद राकेश्वर पांडेय ने कहा है कि किसी भी राज्य में एक नाम की दो यूनियन नहीं हो सकती है. टिस्को मजदूर यूनियन का पिछला चुनाव नवंबर 2018 में हुआ था, जिसका कार्यकाल तीन साल यानी नवंबर 2021 का होगा. उन्होंने बताया कि उनकी अध्यक्षता वाली टिस्को मजदूर यूनियन है, जिसका निबंधन 1976 में हुआ है, जिसकी संख्या 1583 है. यह इंटक से मान्यता प्राप्त भी है.
क्या है श्रम विभाग द्वारा शिवलखन सिंह की यूनियन को दी गयी मान्यता
शिवलखन सिंह की अध्यक्षता वाली यूनियन को श्रम विभाग की ओर से दी गयी मान्यता में कहा गया है कि श्रमिक संघ का निबंधन, श्रमिक संघ अधिनियम, 1926 की धारा 8 के अंतर्गत निबंधन संख्या 270/2020 दिनांक 28 अक्तूबर 2020 के द्वारा किया जाता है. इसके साथ श्रमिक संघ अधिनियम, 1926 की धारा 9 के तहत निबंधन प्रमाण पत्र की प्रति और श्रमिक संघ के संविधान की एक-एक प्रति संलग्न है. साथ ही सूचित किया जाता है कि श्रमिक संघ अधिनियम, 1926 में केंद्र सरकार द्वारा संशोधित प्रावधान के तहत नवनिबंधित श्रमिक संघ यथा संशोधित होंगे. इसके लिए निर्देशित किया जाता है कि यूनियन के अस्तित्व के संबंध में जानकारी के लिए विहित प्रपत्र में आंकड़े भरकर प्रत्येक वर्ष 30 अप्रैल तक अवश्य भेज दिये जाये अन्यथा यह समझा जायेगा कि आपका यूनियन कार्यरत नहीं है. साथ ही श्रमिक संघ अधिनियम संशोधन सहित 1926 के अनुसार अपने संघ में ससमय निर्वाचित सुनिश्चित करें.














