चक्रधरपुर : चक्रधरपुर अपर सत्र न्यायाधीश (प्रथम) की अदालत ने शनिवार को कराइकेला थाना क्षेत्र से संबंधित प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन के साथ काम करने, सीएलए एवं आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज एक मामले के अभियुक्त विश्वनाथ बोदरा उर्फ मुर्गी बोदरा उर्फ दोडे को सश्रम कारावास के साथ ही 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है. कराइकेला के सेरेंगदा निवासी विश्वनाथ बोदरा उर्फ मुर्गी बोदरा उर्फ दोडे के विरुद्ध इस संबंध में 23 मार्च, 2023 को उक्त मामला दर्ज हुआ था. (नीचे भी पढ़ें)
इस संबंध में बताते चलें कि 23 मार्च, 2023 को कराइकेला थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि नकटी बाजार के पास एक संदिग्ध व्यक्ति घूम रहा है. कराइकेला के तत्कालीन थाना प्रभारी दीपक क्रिएशन ने सूचना की पुष्टि करने के लिए दल बल के साथ नकटी बाजार पहुंचे तो वहां एक व्यक्ति पुलिस को देख कर भागने लगा. पुलिस बल ने उक्त व्यक्ति को खदेड़ कर पकड़ा. पूछताछ के क्रम में उसने अपना नाम मुर्गी बोदरा उर्फ विश्वनाथ बोदरा उर्फ दोडे बताया जो कराइकेला थानांतर्गत सेरेंगदा गांव का निवासी है. तलाशी के दौरान उसकी कमर में खोंसा हुए एक देसी पिस्टल बरामद हुआ जिसकी मैगजीन में पांच जिंदा गोलियां लोड थीं. इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा एवं मामले की जांच के पश्चात न्यायालय को आरोप पत्र सौंपा. (नीचे भी पढ़ें)
पुलिस द्वारा सौंपे आरोप पत्र के आधार पर सुनवाई के पश्चात चक्रधरपुर अपर सत्र न्यायाधीश (प्रथम) की अदालत ने शनिवार को विश्वनाथ बोदरा उर्फ मुर्गी बोदरा उर्फ दोडे को दोषी पाते हुए उसे धारा 25(1-बी)ए के तहत चार साल की कैद एवं पांच हजार रुपये जुर्माना, आर्म्स एक्ट के तहत दस वर्ष के सश्रम कारावास एवं पांच हजार रुपये जुर्माना, जबकि सीएलए एक्ट के मामले में तीन वर्ष सश्रम कारावास एवं पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई.




