रामगोपाल जेना, चक्रधरपुर: केंद्र की भाजपा सरकार और दक्षिण पूर्व रेलवे की आपसी तालमेल से मंडल रेल,चक्रधरपुर को उपनिवेश बनाकर रख दिया गया है. यही कारण है मंडल रेल चक्रधरपुर खनिज संसाधनों की ट्रांसपोर्ट के मामले में राष्ट्रीय स्तर पर अधिकतम रेवेन्यू तो जेनरेट करती है,पर मंडल रेल चक्रधरपुर का रेलवे स्टेशन ए वन तो छोड़ ए ग्रेड में भी नहीं आता. यात्री ट्रेनों का तो भगवान ही मालिक है. उक्त बातें गुरुवार को गैर-राजनीतिक सामाजिक संगठन,झारखण्ड पुनरुत्थान अभियान के तत्वावधान में मंडल रेल चक्रधरपुर मुख्यालय के सामने आयोजित सांकेतिक धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए अभियान के केंद्रीय अध्यक्ष,पूर्व कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सन्नी सिंकु ने कहा. उन्होंने कहा कि मंडल रेल चक्रधरपुर का विस्तार लगभग झारखण्ड,ओडिसा के लगभग 08 खनिज संसाधनों वाली जिला में विस्तारित है. इसलिए यह मण्डल रेल राष्ट्रीय स्तर पर रेवेन्यू तो अत्यधिक जेनरेट करती है पर इन क्षेत्रों में निवासरत गरीब आदिवासी-मूलवासियों के लिए यात्री ट्रेनों की सुविधा की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. उल्टा इस मंडल रेल क्षेत्र में पहले जो यात्री ट्रेनों को संचालित किया गया था. उसे भी बंद कर दिया गया है. और कुछ लाइफलाइन यात्री ट्रेनों को संचालित किया जा रहा है तो उस यात्री ट्रेनों को वंदे भारत ट्रेन को पास देने के लिए यहां-वहां, जहां-तहां खड़े कर दिया जाता है. परिणाम स्वरूप यात्री ट्रेनों में सवारी करने वाले यात्रियों को खासा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. (नीचे भी पढ़े)

झारखण्ड पुनरुत्थान अभियान की ओर से विगत 17 फरवरी 2025 को दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक को मंडल रेल चक्रधरपुर क्षेत्रों में यात्रियों को हो रही परेशानियों की ओर लिखित मांग पत्र ट्वीट कर स्मरण किया गया था. जिसकी प्रतिलिपि की प्रति मंडल रेल चक्रधरपुर के प्रबंधक को भी दिया गया था. लेकिन औपनिवेशिक सोच-विचार से ग्रसित दक्षिण पूर्व रेलवे की ओर से मांग पत्र की ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया गया. यही कारण है कि झारखण्ड पुनरुत्थान अभियान लोकतांत्रिक मूल्यों के आलोक में बारिश में भी सांकेतिक धरना प्रदर्शन करने के लिए विवश हुआ है. अभियान के केंद्रीय महासचिव पूर्व बैंक कर्मी अमृत माझी ने कहा कि मंडल रेल चक्रधरपुर के कर्मियों में प्रशासनिक कार्यसंस्कृति का घोर अभाव है. इस मंडल में कार्यरत कर्मियों में कर्तव्य के प्रति ईमानदारी और निष्ठा दिखाई नहीं देती है. उल्टा मंडल रेल चक्रधरपुर क्षेत्र के आदिवासी-मूलवासी रेलवे कर्मियों को यहां पदस्थापित अधिकारी द्वारा हैरान,परेशान और प्रताड़ित किए जाने का आए दिन शिकायत सुनने को मिलता है. जिससे ऐसा लगता है कि मंडल रेल चक्रधरपुर में पदस्थापित अधिकारीगण यहां के निरक्षर,निर्दोष,आदिवासी-मूलवासी रेलवे कर्मियों के साथ जुल्म करने और यहां का खनिज संसाधन का दोहन करने के लिए कुर्सी तोड़ रहे हैं. जिला अल्पसंख्यक कांग्रेस के चेयरमैन तौहीद आलम ने कहा दक्षिण पूर्व रेलवे और मंडल रेल चक्रधरपुर की मनमानी के खिलाफ झारखण्ड पुनरुत्थान अभियान का यह सांकेतिक धरना प्रदर्शन है. मंडल रेल चक्रधरपुर की ओर से दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक को अगर धरना प्रदर्शन के तारांकित बिंदु की ओर यहां के प्रबंधक द्वारा ध्यान आकृष्ट नहीं किया जाता है तो भविष्य में भी अभियान क्षेत्र के जनता-जनार्दन को यात्री ट्रेनों की सुविधा नहीं दिए जाने की मांग पर चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा. अभियान के जिला अध्यक्ष नारायण सिंह पुरती ने कहा इस मंडल रेल क्षेत्र में न सिर्फ यात्री ट्रेनों की अव्यवस्था से यात्री परेशान है बल्कि ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों के द्वारा टोटो चालकों को फोन कर बुला तो लिया जाता है लेकिन कई घंटों तक यात्री का इंतजार में टोटो चालक खड़े रह जाते हैं. जिसके कारण टोटो चालकों का रोजी-रोज़गार पर भी दुष्प्रभाव पड़ रहा है. धरना प्रदर्शन की अध्यक्षता अभियान के जिला अध्यक्ष नारायण सिंह पूर्ति ने किया,जबकि संचालन अभियान के जिला उपाध्यक्ष मंगल सरदार ने किया. अभियान के उपाध्यक्ष बिरसा गोप,जिला सचिव शैली शैलेंद्र सिंकु,अभियान के केंद्रीय सलाहकार समिति के सदस्यों में क्रमश गोविंद महतो,अंसार अहमद,श्यामल सिंघा,विशाल गुड़िया,संजय कांडीर, सुखलाल गोप,अरिल सिंकु ने भी धरना प्रदर्शन को संबोधित किया. कार्यक्रम के दौरान बसंत तांती,सुधांशु नायक,जोसेफ गगराई,रोशन,मिलन हेंब्रम,गंजु लामाय,शिव गगराई,केशव चंद्र तांती एवं अन्य मौजूद थे.



