रामगोपाल जेना चक्रधरपुर:एक तरफ सरकार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ चक्रधरपुर के गुईगांव में बच्चों की पढ़ाई शिक्षकों की भारी कमी से प्रभावित हो रही है. हालात ऐसे हैं कि 178 बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी महज दो शिक्षकों के कंधों पर है.मामला पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर प्रखंड अंतर्गत गुलकेड़ा पंचायत के उत्क्रमित मध्य विद्यालय गुईगांव का है. यहां कक्षा एक से आठवीं तक कुल 178 विद्यार्थी नामांकित हैं. ग्रामीणों के अनुसार, पिछले तीन महीने से विद्यालय में केवल दो शिक्षक ही सभी कक्षाओं को संभाल रहे हैं.(नीचे भी पढ़े)

शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की नियमित पढ़ाई और शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं. इस समस्या को लेकर अभिभावकों और ग्रामीणों ने पहले भी संबंधित अधिकारियों को आवेदन देकर अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया.लगातार अनदेखी से नाराज ग्रामीणों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया. शुक्रवार को विद्यालय परिसर में अभिभावकों, विद्यालय प्रबंधन समिति और ग्रामीणों ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया.धरना दे रहे लोगों की एक ही मांग है कि विद्यालय में जल्द पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति की जाए, ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके और उनका भविष्य प्रभावित न हो..(नीचे भी पढ़े)

इस धरना-प्रदर्शन में मुखिया लक्ष्मी केराई, समाजसेवी दया सागर केराई, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सुखलाल जरिका, नेता रामजन हांसदा समेत बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे और अभिभावक मौजूद रहे.अब सवाल यह है कि 178 बच्चों की पढ़ाई के लिए सिर्फ दो शिक्षक कब तक जिम्मेदार रहेंगे. ग्रामीणों की इस मांग पर शिक्षा विभाग कब कार्रवाई करेगा.फिलहाल ग्रामीणों की मांग है कि जल्द से जल्द शिक्षकों की व्यवस्था कर विद्यालय में पढ़ाई का माहौल सामान्य किया जाए.












