चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम के चाईबासा मुफस्सिल थानांतर्गत पांड्राशाली ओपी गम्हरिया गांव के पास बासाहातु निवासी ग्रामीण मुंडा मंजीत हाईबुरू की विगत 11-12 मई की रात हुई हत्या के सिलसिले में पुलिस ने दोपाई गांव निवासी गंगाराम तियू एवं सुपलासाई निवासी स्व बागुन तियू की विधवा नागुरी तियु को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर लिया है. गिरफ्तार दोनों व्यक्तियों ने पूछताछ के दौरान हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है. पुलिस ने गिरफ्तार गंगाराम तियू की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त चाकू, ग्लब्स, बाइक, दो खोखे, पिस्टल एवं गंगाराम द्वारा वारदात के समय पहने कपड़े भी बरामद कर लिये हैं. (नीचे भी पढ़ें)
बताते चलें कि मुफस्सिल थानांतर्गत गम्हरिया गांव के ग्राम मुंडा मंजीत हाईबुरू की विगत 11-12 मई की रात अज्ञात अपराधियों ने गला रेत कर हत्या कर दी थी. हत्याकांड के संबंध में मृतक के भाई शेखर हाईबुरू ने मुफस्सिल (पांड्राशाली ओपी) थाना में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था. मामले की तहकीकात के क्रम में पुलिस ने गंगाराम तुयू एवं नागुरी तियू को पकड़ा. पुलिस द्वारा उनसे पूछताछ किये जाने पर हत्याकांड का भेद खुलता चला गया. (नीचे भी पढ़ें)
मामले के अनुसंधान के क्रम में हत्या का जो कारण सामने आया उसके अनुसार गंगाराम तियू के चााचा बागुन तियू की विगत जनवरी महीने में सड़क हादसे में मृत्यु हो गई थी. उस समय गंगाराम तियू बंगलुरु में काम करता था. घटना की जानकारी मिलने पर जब वह अपने गांव पहुंचा तो ग्रामीणों से उसे पता चला कि उसके चाचा बागुन तियू की हत्या हुई थी, जिसे सड़क हादसे का रूप दे दिया गया है. उसे यह भी पता चला कि मंजीत हाइबुरू की उसके चाचा की हत्या में मुख्य भूमिका रही है, क्योंकि उसकी जमीन एवं रास्ते के विवाद में ग्रामीण मुंडा विपक्ष के लोगों का साथ दे रहा था. इसी के प्रतिशोध में गंगाराम तियू ने अपनी सुरक्षा एवं अपने चाचा की हत्या में शामिल मंजीत हाईबुरू की हत्या करने के उद्देश्य से अपनी चाची नागुरी तियू की मदद से पिस्टल एवं चाकू खरीदा एवं उसे लोड कर अपने पास रखने लगा. (नीचे भी पढ़ें)
मामले के अनुसंधान के क्रम में हत्या का जो कारण सामने आया उसके अनुसार गंगाराम तियू के चााचा बागुन तियू की विगत जनवरी महीने में सड़क हादसे में मृत्यु हो गई थी. उस समय गंगाराम तियू बंगलुरु में काम करता था. घटना की जानकारी मिलने पर जब वह अपने गांव पहुंचा तो ग्रामीणों से उसे पता चला कि उसके चाचा बागुन तियू की हत्या हुई थी, जिसे सड़क हादसे का रूप दे दिया गया है. उसे यह भी पता चला कि मंजीत हाइबुरू की उसके चाचा की हत्या में मुख्य भूमिका रही है, क्योंकि उसकी जमीन एवं रास्ते के विवाद में ग्रामीण मुंडा विपक्ष के लोगों का साथ दे रहा था. इसी के प्रतिशोध में गंगाराम तियू ने अपनी सुरक्षा एवं अपने चाचा की हत्या में शामिल मंजीत हाईबुरू की हत्या करने के उद्देश्य से अपनी चाची नागुरी तियू की मदद से पिस्टल एवं चाकू खरीदा एवं उसे लोड कर अपने पास रखने लगा. (नीचे भी पढ़ें)
इसके बाद विगत 11 मई की रात गांव के दोस्तों के साथ बियर पीते समय उसे पता चला कि साथ बैठे लोगों में एक बासाहातु का ग्राम मुंडा मंजीत भी शामिल है. इसके बाद वह अपने मित्रों के साथ उसे बासाहातु छोड़ने गया एवं गम्हरिया के पास पहले पिस्टल को उसके कान के पास सटाकर फायर कर दिया. यही नहीं, सभी दोस्तों के चले जाने के बाद वह अपने भाई के साथ दोबारा घटनास्थल पर पहुंचा एवं जांच की कि मंजीत दजिंदा भी है कि नहीं. यही नहीं, वहां उसने एक बार फिर मंजीत पर दो गोलियां दागने की कोशिश की लेकिन गोली चली नहीं. इसके बाद उसने चाकू से गला रेत कर उसकी हत्या कर दी.











