रामगोपाल जेना / चक्रधरपुर : पश्चिम सिंहभूम के चक्रधरपुर में शहीद तिलका मुर्मू की जन्मदिन के ऐतिहासिक तरिख को पूर्व घोषित रेल रोड चक्का जाम झारखंड, बंगाल ओड़िसा बिहार असम में ऐतिहासिक सफल रहा. लगभग 20 जगहों में रेल चक्का जाम किया गया. आदिवासी सेंगेल अभियान द्वारा आयोजित इस जाम का मुख्य मांग मरांग बुरु (पारसनाथ पहाड़) जैनों की कैद से मुक्त कर आदिवासियों को वापस किया जाए, 2023 में आदिवासियों के प्रकृति पूजा धर्म -सरना धर्म कोड अविलंब लागू करने समेत अन्य अनेक आदिवासी अधिकारों की मांगे भी हैं. (नीचे भी पढ़ें और देखें वीडियो)
यदि भारत सरकार, झारखंड सरकार और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग उपरोक्त मांगों को पूरी नहीं करते हैं तो 11 अप्रैल 2023 से फिर अनिश्चितकालीन रेल रोड चक्का जाम करने को सेंगेल बाध्य होगा. तत्पश्चात 30 जून 2023 को संथाल विद्रोह (30-1855) से न्याय और अधिकार पाने के लिए देश में आदिवासी विद्रोह का आगाज करेगा. (नीचे भी पढ़ें)

इसे लेकर सालखन मुर्मू ने कहा कि सेंगेल के रेल रोड चक्का जाम को जगह-जगह कमजोर करने का काम जेएमएम और उनकी सहयोगियों ने किया, अन्यथा यह आंदोलन और प्रभावशाली हो सकता था. उन्होंने कहा कि जेएमएम ही है जिसने आदिवासियों की ईश्वर मरांग बुरू को पांच जनवरी 2023 को जैनों को बेचने का काम किया है. कुरमी को एसटी बनाने के पीछे भी जेएमएम का षड्यंत्र है. जेएमएम ने 3 वर्षों में केवल लूट, झूठ और भ्रष्टाचार का रिकॉर्ड बनाया है और जनता को झुनझुना थमाने के लिए बेवजह का झारखंडी जोहार यात्रा चला रहा हैं. जिसका सेंगेल विरोध करता है. (नीचे भी पढ़ें)
सेंगेल का “मरांग बुरू बचाओ भारत यात्रा” तब तक चालू रहेगा जब तक जैनों की कैद से मारंग बुरु को आजाद नहीं कर लिया जाता है. सालखन मुर्मू और सुमित्रा मुर्मू यात्रा के 23वें दिन पलामू जिला के मेदिनीनगर में उपस्थित हैं. इसकी जानकारी आदिवासी सेंगेल अभियान के पूर्व सांसद सह राष्ट्रीय अध्यक्ष सालखन मुर्मू ने दी.




