
बोकारो : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को बोकारो औद्योगिक क्षेत्र स्थित डालमिया (भारत) सीमेंट प्लांट की विस्तारीकरण परियोजना का शिलान्यास किया. अगस्त में दिल्ली में निवेशक सम्मेलन में समझौते के बाद डालमिया (भारत) सीमेंट प्लांट को बोकारो औद्योगिक क्षेत्र में 16 एकड़ जमीन उपलब्ध करायी गयी. इसके बाद विस्तारीकरण का कार्य किया जा रहा है. देश-दुनिया में बोकारो की पहचान स्टील से होती रही है. यहां कई सीमेंट प्लांट पहले से काम कर रही हैं. आने वाले दिनों में सीमेंट के लिए भी बोकारो जाना जाएगा. बोकारो में डालमिया भारत के संयंत्र की उत्पादन क्षमता 3.7 मिलियन टन प्रति वर्ष है. विस्तारीकरण के माध्यम से 2.6 मिलियन टन उत्पादन की वृद्धि होगी. इसके बाद संयंत्र की वार्षिक उत्पादन क्षमता 6.3 मिलियन टन हो जाएगी. इसके लिए कंपनी 567 करोड़ रुपये का निवेश करेगी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बोकारो के बालीडीह स्थित डालमिया सीमेंट (भारत) प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के समीप स्थित अस्थायी हवाई अड्डा पर हेलिकाप्टर से उतरे. इसके बाद मुख्यमंत्री गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. इससे पूर्व उपायुक्त कुलदीप चौधरी एवं पुलिस अधीक्षक चंदन झा ने मुख्यमंत्री का किया स्वागत. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो, भाजपा के बोकारो से विधायक सह विरोधी दल मुख्य सचेतक विरंची नारायण, गोमिया से आजसू विधायक लंबोदर महतो, बेरमो से कांग्रेस विधायक कुमार जयमंगल सिंह उर्फ अनूप सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, सचिव विनय चौबे, उद्योग सचिव पूजा सिंघल, जियाडा की क्षत्रिय निदेशक कीर्तिश्री जी, डालमिया भारत के एमडी पुनीत डालमिया, सीईओ महेंद्र सिंघी आदि थे. (नीचे पूरी खबर देखें)

हेमंत सोरेन ने कहा-निवेश को बढ़ावा दिया जायेगा
राज्य में ज्यादा से ज्यादा पूंजी निवेश हो, यह सरकार की विशेष प्राथमिकता है. इसके लिए एक बेहतर और उम्दा झारखंड औद्योगिक एवं निवेश प्रोत्साहन नीति- 2021 बनाई गई है. औद्योगिक घराने इस राज्य में उद्योग लगाने के लिए आगे आएं, सरकार उन्हें पूरा सहयोग करेगी. मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सोमवार को बोकारो जिला के बालीडीह इंडस्ट्रियल एरिया में डालमिया भारत सीमेंट संयंत्र की दूसरी इकाई का शिलान्यास करते हुए ये बातें कही. उन्होंने कहा कि यह एक शुरुआत है. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार के गठन के कुछ ही महीने हुए थे कि कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया को अपने आगोश में ले लिया. लॉकडाउन लगा और लोग अपने घरों में कैद हो गए. व्यवस्था पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुकी थी. इन सबके बीच हमारी सरकार जीवन और जीविका को लेकर लगातार चिंतन मंथन करती रही। वक्त के साथ कार्य योजना बनाई, जिसका फायदा कोरोना काल में तो लोगों को हुआ और आज भी हो रहा है. हालांकि, खतरा अभी भी नहीं टाला है, फिर भी जीवन के सामान्य होने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहे हैं. सकारात्मक सोच और मजबूत इच्छाशक्ति हो तो कोई भी काम असंभव नहीं है. इसी सोच के साथ सरकार ने औद्योगिक माहौल को बेहतर बनाने के लिए कार्य योजना तैयार की है. नई उद्योग नीति बनाई गई. अपनी नीतियो और उद्देश्यों को व्यापार जगत के सामने रख रहे हैं. उद्योगपतियों ने हमारी नीति को सराहा और यहां उद्योग लगाने की इच्छा जता रहे हैं. इसी क्रम में डालमिया ग्रुप ने सीमेंट फैक्ट्री के लिए कदम बढ़ाया और उद्योग विभाग के साथ एमओयू किया. हमारी सरकार ने अपना वादा निभाया और डालमिया ग्रुप भी आज अपना वादा निभा रही है. इसका निश्चित तौर पर राज्य और राज्यवासियों को फायदा होगा. हम विश्वास दिलाते हैं कि राज्य में स्थापित डालमिया सीमेंट फैक्ट्री को देश के अग्रणी सीमेंट उत्पादक फैक्ट्रियों में शामिल करने में पूरा सहयोग करेंगे. (नीचे पूरी खबर देखें)

अगर जमीन दिया है तो उद्योग लगाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर औद्योगिक घरानों को सरकार जमीन देती है तो वे इसका इस्तेमाल उद्योग लगाने में करें. इसे खाली या अतिक्रमण नहीं होने दें क्योंकि, बहुत ही उम्मीदों के साथ यहां के रैयतों, गरीबों किसानों और जरूरतमंदों ने अपनी जमीन दी है, ताकि उन्हें रोजगार के साथ सशक्त होने का अवसर मिल सके. मुख्यमंत्री में कहा कि बोकारो इस्पात कारखाना एक समय एशिया का सबसे बड़ा कारखाना हुआ करता था. लेकिन, आज हालात थोड़े विपरीत है. हालांकि, यह सार्वजनिक उपक्रम है, लेकिन इसकी पुरानी प्रतिष्ठा फिर से वापस हो, इसके लिए हमारी सरकार हर संभव सहयोग करने को तैयार है. मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी योजना चाहे वह सरकारी अथवा निजी क्षेत्र की हो, उसे हमें अपना समझने की जरूरत है ताकि उसका फायदा राज्य एवं राज्य वासियों को हो.



