
जमशेदपुर : जमशेदपुर के करीब 21 साल से बंद पड़ी केबुल कंपनी के यूनियन पदाधिकारी एवं कर्मचारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक राकेश्वर पांडेय की अध्यक्षता में टिनप्लेट यूनियन सभागार में संपन्न हुई. बैठक में केबल कंपनी यूनियन के पदाधिकारी उदय कांत शर्मा एवं राम बिनोद सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला दिया है जिसमें कमला मिल्स एवं फास्कोवा को क्रेडिटर्स ऑफ कमिटी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है तथा कंपनी को फिर से पुनर्जीवित करने का आदेश दिया है, अर्थात यूं कहें की एनसीएलटी नई दिल्ली द्वारा दिया गया पूर्व में फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराते हुए कमला मिल्स और फास्कोवा, जो केबल कंपनी के रिवाइवल में बहुत बड़ा रोड़ा अटका रहे थे. उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया है, जो कंपनी के रिवाइवल के लिए अच्छे संकेत हैं. अपने विचार देते हुए रविंद्र मिश्रा ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि टाटा स्टील अपनी स्कीम एनसीएलटी को दें जिससे कि टेकओवर की प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जा सके. सभी का विचार सुनने के बाद, राकेश्वर पांडेय ने कहा कि केबुल कंपनी के बारे में समय-समय पर टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक से उनकी बातचीत होती रहती है और वे जल्द इस विषय पर दोबारा फिर चर्चा करेंगे. श्री पांडेय ने कहा कि टाटा स्टील, जिसने एनसीएलटी में टाटा स्टील लांग प्रोडक्ट्स कंपनी द्वारा केबुल कंपनी को चालू करने के लिए इंटरेस्ट ऑफ़ लेटर जमा किया है, जो यह साबित करता है कि आज भी टाटा स्टील केबुल कंपनी को चालू करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि टाटा स्टील का ना ऐसा चरित्र है और ना ही टाटा स्टील के जिन में है कि वह किसी मजदूर के साथ या किसी भी कर्मचारी के साथ अन्याय करे. अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय ने केबुल कंपनी के सभी मजदूर और कर्मचारी, चाहे वह रिटायर्ड हो या कार्यरत हो, सभी को आह्वान किया कि एकजुट होकर केबुल कंपनी को टाटा स्टील लांग प्रोडक्ट द्वारा टेकओवर कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाये. यही केवल कर्मचारियों के भविष्य के लिए अच्छा और स्वर्णिम अवसर होगा. अब तक कि उनके जीवन में आयी सभी परेशानियां हमेशा के लिए समाप्त होगी. यही एक रास्ता है, जो हम सब एकजुट होकर सहयोग करें. इस बैठक में मुख्य रूप से राम बिनोद सिंह, मुकेश शर्मा, रविंद्र मिश्रा, प्रदीप झा, राजेश्वर सिन्हा, श्यामल सरकार, राजा हलदर, रोमन भूमि, उमेश महाराणा, जीतन मुखी जैसे अनेकों कर्मचारी एवं यूनियन पदाधिकारी उपस्थित थे.







