
जमशेदपुर : टाटा स्टील के निबंधित महिलाएं सोमवार को टाटा स्टील जेनरल ऑफिस पहुंची. ज्ञापन के माध्यम से टाटा स्टील जेनरल ऑफिस के सामने अपने पूरे परिवार औऱ अपने छोटे छोटे बच्चों के साथ आमरण अनशन की पूर्व सूचना टाटा वर्कर्स यूनियन को दे रही है. इन लोगों ने बताया कि इन लोगों ने कई बार ज्ञापन के माध्यम से टाटा वर्कर्स यूनियन और टाटा स्टील मैनेजमेंट के समक्ष अपनी बातों एवं निबंधितो की लिखित परीक्षा में एक नही बल्कि कई स्तर पर हुए भ्रष्टाचार पर जबाब और पक्ष जानना चाहा पर आज तक टाटा वर्कर्स यूनियन और टाटा स्टील मैनेजमेंट की ओर से एक भी जबाब नही आया. आपको बता दें कि 19 अप्रैल को निबंधितों ने टाटा वर्कर्स यूनियन के समक्ष टाटा स्टील के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ पहुंचे ताकि अपनी बातों को टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष के सामने रख सके. लेकिन टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष पिछले गेट से निकल गए इसलिए हमलोगों को वहां उनका जवाब जानने के लिए धरना पर बैठना पड़ा. कई घण्टे बैठने और 60-70 वर्ष के सेवानिवृत्त कर्मचारी की सेहत को ध्यान में रखते हुए बिना टाटा वर्कर्स यूनियन का पक्ष जाने लौटना पड़ा. इन लोगों ने कहा कि निबंधितो की इस परीक्षा में पहले फर्जी लीगो का पकड़ा जाना, फेक नोटिस चिपकाए जानने का मामला सामने आना, परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल फोन का जाना औऱ इस परीक्षा में जितने भी टाटा वर्कर्स यूनियन के कमिटी मेम्बरों के परिजनों ने इस परीक्षा को दिया उनका ही चयन होना. ये सभी घटनाएं महज संजोग है या साजिश. आखिर ऐसा क्यों है कि टाटा मोटर्स यूनियन अपने सभी कर्मचारियों के बच्चों के लिए नियोजन नीति बनाती है औऱ टाटा वर्कर्स यूनियन केवल अपने कमेटी मेम्बरों के बच्चों के लिए? सोमवार को सभी महिलाएं टाटा वर्कर्स यूनियन और टाटा स्टील मैनजमेंट को स्पष्ट रूप से यह कहा कि अगर निबंधितो के नियोजन का रास्ता खोला नही जाता है, तो सब निबंधित महिलाएं ठीक दो दिनों के बाद अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ इसी टाटा स्टील जेनरल ऑफिस गेट के सामने भूख हड़ताल पर बैठे जाएंगी क्योंकि उनके लिए संख्या मायने नही रखती, मायने रखता हैं तो बस हमलोगों का हौसला. हमेशा महिलाओं की संरक्षण की बात करने वाली टाटा वर्कर्स यूनियन, टाटा स्टील और वीपी एचआरएम, जो खुद एक महिला है अब उनको तय कर ले मैनेजमेंट और यूनियन का क्या करना है? इन लोगों ने कहा है कि निबंधित महिलाओं की ओर से ये आखिरी ज्ञापन और अनुरोध है. इस ज्ञापन देने वालों में तुलसी कुमारी, नीलम साहू, प्रियंका कुमारी,सीमा कुमारी, ममता कुमारी, शिप्रा कुमारी, बेबी तांडी, जे प्रियंका, कंचन कुमारी, मधु महतो, छाया, लतिका साहू एवं अन्य लोग मौजूद थे.












