मुंबई : देश की सबसे बड़ी औद्योगिक घराना टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस की मंगलवार को हुई आमसभा (एजीएण) में कई अहम फैसले हुए. पूर्व में सायरस मिस्त्री को लेकर शापुरजी पालनजी समूह और टाटा समूर के बीच हुए टकराव से सीख लेते हुए टाटा संस के चेयरमैन की नियुक्ति के नियमों में बदलाव कर दिया गया. हालांकि, इसको लेकर लाये गये प्रस्ताव में सायरस मिस्त्री की शापुरजी पालनजी ग्रुप की ओर से वोटिंग नहीं की गयी. गुरुवार को मुंबई में हुई टाटा समूह की आमसभा में चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने पूरे कारोबार का ब्योरा पेश किया. इस मीटिंग के दौरान यह प्रस्ताव लाया गया कि आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन समेत कई संशोधन किये जायेंगे, जिसको शेयरधारकों ने पारित कर दिया. टाटा संस और टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन के पद पर एक ही व्यक्ति नहीं रहेगा बल्कि दोनों का चेयरमैन अलग-अलग व्यक्ति होगा. अब तक यह एक ही व्यक्ति चेयरमैन बन जाया करता था, जिसको देखते हुए यह बदलाव किया गया है. इसके अलावा टाटा संस के नियम में बदलाव करते हुए तय किया गया कि टाटा के चेयरमैन को बनाने और हटाने के लिए एक कमेटी बनेगी, जो तय करेगा कि कौन चेयरमैन होगा. अगर चेयरमैन को हटाना है तो यहीं कमेटी फैसला लिया करेगी. आमसभा में टाटा समूह के 75 फीसदी शेरयधारकों ने टाटा समूह के सारे प्रस्तावों को मंजूरी दे दी. एजीएम में दो निदेशकों को नये सिरे से नियुक्ति को मंजूरी दी गयी. अजय पिरामेल और अनिता जॉर्ज को फिर से स्वतंत्र निदेशक बनाया गया. इसके अलावा भाष्कर भट्ट और वेणु श्रीनिवासन को भी निदेशक के तौर पर नियुक्त किया गया. टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के वेतनमान में बढ़ोत्तरी को भी मंजूरी दी गयी. आपको बता दें कि टाटा समूह का संचालन टाटा परिवार के टाटा ट्रस्ट के 66 फीसदी हिस्सेदारी से संचालित होती है. जेआरडी टाटा के बाद रतन टाटा ही अंतिम व्यक्ति है, जो टाटा संस के चेयरमैन के साथ साथ टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन भी रहे है. लेकिन अब इस नियम में बदलाव किया जा रहा है. टाटा संस के चेयरमैन अलग व्यक्ति होंगे और टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन अलग होगा. इसके लिए जानकारों की राय भी ली जा रही है. एजीएम में भी इस पर विस्तार से चर्चा की जायेगी. आपको बता दें कि टाटा समूह की कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2021-2022 में काफी बेहतर प्रदर्शन किया है. कंपनी का मुनाफा में करीब 164 फीसदी बढ़कर 17171 करोड़ रुपये हो चुका है. वित्तीय वर्ष 2020-2021 में यह 6512 करोड़ रुपये था, जो बढ़कर 17171 करोड़ रुपये हो चुका है. टाटा संस के शानदार वित्तीय प्रदर्शन के बाद उनकी सैलेरी में करीब 19 फीसदी की बढ़ोत्तर कर दी गयी है, जिसके बाद उनकी सैलेरी 109 करोड़ रुपये सालाना हो चुकी है. इस बढ़ोत्तरी के साथ ही एन चंद्रशेखरन सबसे ज्यादा वेतन पाने वाले अधिकारियों में शुमार हो चुके है. आपको बता दें कि श्री चंद्रशेखरन के वेतन में करीब 20 करोड़ रुपये से ज्यादा की बढ़ोत्तरी हुई है. उनका वेतन अब 109 करोड़ रुपये हो चुका है. इसको भी एजीएम में मंजूरी दी गयी.












