
जमशेदपुर : पूरे देश भर में जहां लॉकडाउन है. मजदूर बेरोजगार हो चुके है. लोग खाने-खाने को तरस रहे है. कारोबारी खुद परेशान है कि कैसे फिर से उनका कारोबार शुरू होगा, वहीं भारत सरकार की उपक्रम कंटेनर कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (कांकोर) ने लॉकडाउन के बीच जमशेदपुर के इकलौता ड्राइपोर्ट को ही बंद करने का नोटिस लगा दिया है. यह ड्राइपोर्ट बर्मामाइंस (जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र) में स्थापित है. यहां से अभी विधायक सरयू राय है जबकि यहां के पूर्व विधायक पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास रहे है. भारत सरकार की उपक्रम कांकोर ने 60 दिनों का यह नोटिस लगाया है, जिसमें यह बताया गया है कि कुछ अपरिहार्य कारणों से इसको बंद किया जा रहा है और इसको भारत सरकार के अधीन चलने वाली रेलवे को यहां का सारा जमीन और सिस्टम सौंप दिया जायेगा.

इस फैसले से कारोबारियों को कारोबार करने में काफी परेशानी होगी जबकि कई लोग बेरोजगार हो जायेंगे. भारत सरकार की उपक्रम कंटेनर कारपोरेशन इंडिया लिमिटेड ने 60 दिनों में इसको बंद करने का नोटिस लगा दिया है. यह करीब 20 सालों से संचालित हो रहा है. इसका उदघाटन उस वक्त ही भारत सरकार द्वारा किया गया था ताकि कारोबारियों को अपना माल भेजने में किसी तरह की दिक्कत नहीं हो, लेकिन इसको अब बंद किया जा रहा है. आपको बता दे कि इसके अधीन करीब 24 से ज्यादा ठेकेदार है जबकि सौ से ज्यादा कर्मचारी इसमें कार्यरत है, जिनके समक्ष भूखमरी की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. वैसे इसका नये सिरे से बदलाव भी किया गया था. टाटा स्टील के सहयोग से इसको नये सिरे से विकसित कर 22 फरवरी 2020 को ही इसकी शुरुआत फिर से की गयी थी, लेकिन अचानक से इस नोटिस से हड़कंप मच गया है. लॉकडाउन के बाद एक उपक्रम के सेंटर को ही बंद करने का नोटिस लोगों के होश उड़ा दिये है.

क्या है ड्राइपोर्ट
जमशेदपुर और आसपास के इलाके में बड़े पैमाने पर उद्योग है. सीधे तौर पर करीब तीन हजार से ज्यादा छोटे और बड़े उद्योग है. उनको माल भेजने में काफी दिक्कतें होती थी. इसके बाद सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स समेत तमाम औद्योगिक संगठनों के डिमांड को देखते हुए करीब 20 साल पहले इसकी स्थापना जमशेदपुर के बर्मामाइंस में शुरू किया गया था. यहां से कारोबारी आराम से माल अपना एक जगह से दूसरी जगह में भेज देते थे. चाहे एयर कार्गों की जरूरत हो या फिर सड़क मार्ग या रेल मार्ग, सिर्फ यहां माल भेज देना था, वहां से यहां के उद्योगों का तैयार माल भेज दिया जाता था. वैसे पूरे देश में ऐसे कई ड्राइपोर्ट अभी काम कर रहे है. लेकिन अचानक से इसका फैसला लेने से सभी बेचैन हो गये है. भारत सरकार के उपक्रम कंटेशन कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड द्वारा इसका संचालन किया जाता है, जो भारत सरकार के नवरत्न कंपनियों में शामिल है.





